एशियन गेम्स में मंगलवार को महिलाओं की 4x400 मीटर रिले का गोल्ड मेडल जीतने में भारत की मदद करने वाली प्राची चौधरी का मकसद सिर्फ जीतना नहीं था। प्राची ने बताया कि नागोया आने से पहले ही उन्होंने डीएसपी यूनिफॉर्म के लिए अपना नाप दे दिया था।
पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली प्राची ने कहा कि वह इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में वापसी करने, गोल्ड जीतने और उत्तर प्रदेश की स्पोर्ट्स पॉलिसी के तहत डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) बनने का अपना सपना पूरा करने के लिए पक्का इरादा कर चुकी थीं।
भारत की जीत के बाद प्राची ने 'आईएएनएस' से कहा, "पिछले साल मैंने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था, इसलिए डीएसपी नहीं बन पाई। हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक स्पोर्ट्स पॉलिसी है जिसके तहत गोल्ड मेडलिस्ट को डीएसपी बनाया जाता है। इसलिए, जब पिछले साल ऐसा नहीं हुआ, तो मुझे बुरा लगा। तभी मैंने तय किया कि अगले एशियन गेम्स में आऊंगी और चाहे कुछ भी हो जाए, गोल्ड जरूर जीतूंगी।"