भारतीय पैरा-जूडो खिलाड़ी कोकिला कौशिक ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की जे2 -52 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा में रजत पदक जीता। कोकिला की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, परिवार का भरोसा और उनके पिता कृष्ण कुमार कौशिक का संघर्ष है।
कोकिला ने करीब सात-आठ साल पहले जूडो का सफर शुरू किया था। पिछले एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने कांस्य पदक जीता था, जबकि इस बार रजत पदक अपने नाम किया। हालांकि, उनका लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था। अब उनकी नजर 2028 पैरालंपिक पर है, जहां वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना चाहती हैं।
हरियाणा के जींद की रहने वालीं कोकिला ने 'आईएएनएस' को बताया कि उन्होंने 2018 में जूडो खेलना शुरू किया था। वह अपने कोच मुनव्वर अंजार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही थीं। लंबे समय तक इस प्रतियोगिता का इंतजार करने के बाद उन्हें पदक जीतने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि पिछले प्रदर्शन में सुधार करते हुए इस बार कांस्य से रजत तक का सफर तय किया है। हालांकि, स्वर्ण पदक नहीं जीत पाने के कारण अब उन्हें अपनी खेल शैली और रणनीति में बदलाव करना होगा।