वैश्विक स्तर पर निशानेबाजी में भारतीय एथलीटों और पैरा एथलीटों ने देश का नाम प्रतिष्ठित किया है। मंच चाहें ओलंपिक का हो, कॉमनवेल्थ गेम्स का हो, एशियन गेम्स हों या फिर अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का, भारतीय निशानेबाज देश के लिए पदक जीतते हैं। पैरा निशानेबाजी में मनीष नरवाल भारत के लिए बेहद करिश्माई रहे हैं। इस युवा पैरा-पिस्टल शूटर ने पैरालंपिक में देश के लिए गोल्ड जीता है।
मनीष नरवाल का जन्म 17 अक्टूबर 2001 को बल्लभगढ़, हरियाणा में हुआ था। हरियाणा को भारतीय खेलों का गढ़ माना जाता है। अलग-अलग विधाओं में खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। हरियाणा के युवाओं को आदर्श ढूँढ़ने के लिए कहीं दूर नहीं देखना पड़ता। इसी माहौल का असर मनीष पर पड़ा और उन्होंने निशानेबाजी में करियर बनाने का मन बनाया।
नरवाल के पिता पहलवान रहे हैं और दो भाई निशानेबाजी में थे। इसलिए शूटर के तौर पर नरवाल को करियर को आगे बढ़ाने में किसी घरेलू बाधा का सामना नहीं करना पड़ा। बतौर शूटर उनकी यात्रा की शुरुआत 15 साल की उम्र में हुई। वह पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 कैटेगरी में हिस्सा लेते हैं।