स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली के मिडफील्डर लालरिनलियाना ह्नामटे का मानना है कि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का नया क्लब-लेड कमर्शियल मॉडल इस प्रतियोगिता में ज्यादा निवेश और दिलचस्पी ला सकता है। उनका कहना है कि इस बदलाव से खिलाड़ियों और फैंस, दोनों के लिए बहुत बड़ा फर्क पड़ सकता है।
आईएसएल 2026-27 सीजन में एक नए कमर्शियल ढांचे के साथ प्रवेश करने जा रही है। जुलाई में एआईएफएफ और लीग क्लबों के बीच हुए समझौते के तहत अब लीग के व्यावसायिक अधिकार क्लबों को सौंपे जाएंगे, जबकि प्रशासनिक और नियामकीय नियंत्रण पहले की तरह एआईएफएफ के पास रहेगा।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य क्लबों को लीग के व्यावसायिक और वित्तीय विकास में अधिक भागीदारी और जिम्मेदारी देना है। माना जा रहा है कि इससे क्लबों को राजस्व बढ़ाने, प्रायोजन आकर्षित करने और लीग को अधिक पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जबकि नियमों और संचालन से जुड़े मामलों की निगरानी एआईएफएफ करता रहेगा।