भारतीय वेटलिफ्टिंग की दुनिया में जेरेमी लालरिनुंगा का नाम भविष्य के एक बड़े सितारे के रूप में देखा जाता है। 2022 में उन्होंने पूरे भारत को एक नई उम्मीद दी थी, लेकिन इंजरी ने उनके करियर को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
जेरेमी लालरिनुंगा का जन्म 26 अक्टूबर 2002 को आइजोल, मिजोरम में हुआ था। उनके पिता एक जाने-माने बॉक्सर थे, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से वह इस क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ सके। जेरेमी भी बॉक्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन अपने दोस्तों को वेटलिफ्टिंग का अभ्यास करते देख, उन्हें इस खेल में रुचि जगी और फिर इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय उन्होंने लिया। इसमें उन्हें अपने पिता का पूरा सहयोग मिला। जेरेमी ने आर्मी स्पोर्ट्स के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लिया, जिसमें सफल रहे। इसके बाद वह ट्रेनिंग के लिए पुणे शिफ्ट हो गए।
जेरेमी ने 13 साल की उम्र में जूनियर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2016 के 56 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद एशियन जूनियर चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर उन्होंने नेशनल कैंप में जगह बनाई। अगले साल जेरेमी ने कॉमनवेल्थ यूथ और जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। 2018 में उन्होंने ब्यूनस आयर्स के यूथ ओलंपिक में गोल्ड अपने नाम किया। वह यूथ ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय वेटलिफ्टर बने।