भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने जोरदार पंचों से देश का नाम रोशन किया है। शुक्रवार को भारत की ये बेहद प्रतिभाशाली मुक्केबाज 29 साल की हो जाएंगी। लवलीना के पास अपने 29वें जन्मदिन को बेहद यादगार और स्वर्णिम बनाने का मौका है।
लवलीना बोरगोहेन एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए जापान में हैं। वह 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना चुकी हैं। बुधवार को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में लवलीना ने कजाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में जगह बनाने के साथ ही लवलीना इतिहास रच चुकी हैं। वह लगातार दो एशियन गेम्स के फाइनल में जगह बनाने वाली पहली महिला मुक्केबाज हैं। पिछली बार बोरगोहेन को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।
बोरगोहेन शुक्रवार को फाइनल में चीन की जियी बाओ से भिड़ेंगी। भारतीय समयानुसार यह मुकाबला सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। लवलीना के पास इस बार एशियन गेम्स में अपने पदक का रंग बदलने और अपने जन्मदिन को यादगार बनाने का मौका है। अगर वह स्वर्ण पदक जीतती हैं, तो मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज होंगी।