लियोनेल मेसी ने ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मास मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी मुकाबला खेला। इस मुकाबले के साथ ही फुटबॉल के जादूगर कहे जाने वाले मेसी की अर्जेंटीना की जर्सी में भावुक विदाई हुई। अपने ऐतिहासिक करियर में मेसी ने कई बड़े मुकाम हासिल किए और वह अपने पीछे वो विरासत छोड़कर गए, जिसकी बराबरी शायद कभी नहीं की जा सकेगी।
मेसी ने अर्जेंटीना के लिए इंटरनेशनल फुटबॉल में अपना डेब्यू साल 2005 में किया था। साल 2008 में मेसी अर्जेंटीना के बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। इसके बाद साल 2014 में अर्जेंटीना को फीफा विश्व कप के फाइनल में जर्मनी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जबकि कोपा अमेरिका के फाइनल में भी अर्जेंटीना को हार का सामना करना पड़ा। साल 2016 में मेसी ने अपने खेल पर उठते सवालों के चलते अचानक रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। हालांकि, जल्द ही फैंस और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन के अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया।
इसके बाद ही मेसी के स्वर्णिम करियर का आगाज हुआ। 2021 में अर्जेंटीना ने ब्राजील को हराकर कोपा अमेरिका का खिताब अपने नाम किया और मेसी के करियर का यह पहला बड़ा इंटरनेशनल खिताब रहा। साल 2022 मेसी के लिए ऐतिहासिक रहा और उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने रोमांच से भरपूर फाइनल मुकाबले में फ्रांस को हराकर फीफा वर्ल्ड कप के खिताब पर कब्जा जमाया। मेसी गोल्डन बॉल अवॉर्ड भी जीतने में सफल रहे। 2024 में मेसी ने अपनी अगुवाई में अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार कोपा अमेरिका का खिताब दिलाया। अपनी कप्तानी में मेसी ने अर्जेंटीना को चार बड़े खिताब दिलाए।