हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की जर्सी के रंग को बदलने को लेकर पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा द्वारा उठाए गए सवाल पर सफाई पेश की है। हॉकी इंडिया ने बताया है कि मैदान और जर्सी का रंग एक जैसा होने से खिलाड़ियों के खेल और दृश्यता पर असर पड़ रहा था।
गौरतलब है कि सोमवार को हॉकी इंडिया ने एफआईएच विश्व कप से पहले भारतीय टीम की नई जर्सी को लॉन्च किया। जर्सी का रंग नीले से बदलकर ऑरेंज कर दिया गया है और इसके साथ ही जर्सी के डिजाइन में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। इसको लेकर ही पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे कहना होगा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए बहुत अच्छे काम किए हैं, लेकिन यह शर्मनाक है। भारतीय टीम की विरासत और पहचान हमेशा से ब्लू (नीला) रही है। मैंने कई वर्षों तक शान से ब्लू जर्सी पहनी है। फैंस हमारी इंडियन टीम को ब्लू रंग में देखना चाहते हैं। ऑरेंज रंग का क्या लॉजिक है?"
जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर हॉकी इंडिया ने अब एक बयान जारी किया है। हॉकी इंडिया ने कहा, "हम आपको बताना चाहते हैं कि यूनिफॉर्म का रंग बदलने का फैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की सलाह और उनके साथ विस्तार से हुई बातचीत के आधार पर लिया गया था। सबसे बड़ा कारण तकनीकी था। यह देखा गया कि नीली खेलने वाली यूनिफॉर्म के रंग का मैच उस नीली सिंथेटिक सतह के साथ भी हो रहा था, जिस पर मैच खेला जाता है। यह अब इंटरनेशनल हॉकी पिचों का मानक रंग भी है। यूनिफॉर्म और मैदान का रंग एक जैसा होने की वजह से खिलाड़ियों का खेल और दृश्यता दोनों पर असर पड़ रहा था।"