Asian Para Games: भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू हुड्डा ने सोमवार को नागोया में एशियाई पैरा गेम्स में पुरुषों की एफ46 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के 27 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने आखिरी प्रयास में 65.11 मीटर भाला फेंककर हमवतन अजीत सिंह को महज नौ सेंटीमीटर से पीछे छोड़ दिया। हालांकि, इस शानदार जीत के पीछे रिंकू के जीवन का गहरा भावनात्मक दर्द छिपा है। मां के निधन और कंधे की चोट से जूझते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
रिंकू की मां का निधन 8 अगस्त को हुआ था। इसके बाद से वह लगातार भावनात्मक संघर्ष से गुजर रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में अपनी मां को खोने का दर्द साझा करते हुए बताया कि इस घटना के बाद ऐसा कोई दिन नहीं बीता, जब उनकी आंखों में आंसू न आए हों।
रिंकू हुड्डा ने कहा, “ऐसा कोई दिन नहीं रहा, जब मैं रोया न होऊं। सुबह से शाम तक। हर बार, मैं दिन में एक या दो बार रोता हूं। मुझे उनकी याद आती है। लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ ऐसा होगा।”