नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.) । आईपीएल-7 का जादू सिर्फ भारत में ही नहीं बल्की विदेशों भी सर चढ़ कर बोलता है। हाल में आईपीएल सात का समापन हुआ और 2012 की विजेता केकेआर ने फिर से खिताब अपने नाम किया। अब तक देशी आईपीएल में रिकॉर्डो का ताज विदेशी खिलाड़ीयों के सर देखने को मिला था लेकिन सातवें संस्करण में आईपीएल भारतीय खिलाड़ीयों के नाम रहा। इस बार देशी खिलाड़ियों ने साबित कर दिया कि वो किसी भी मामले में विदेशी खिलाड़ियों से कम नहीं हैं। बात चाहे रन बनाने की हो विकेट लेने की हो या शतक लगाने की।

आइपीएल-7 में रन बनाने के मामले में कोलकाता के ओपनर रॉबिन उथप्पा सबसे आगे रहे। उन्होंने 16 मैचों में 44 के औसत से 660 रन बनाए। उनका उच्चतम स्कोर रहा 83। 16 मैचों में उन्होंने 5 बार 50 का आंकड़ा छुआ। सबसे ज्यादा रन बनाने की वजह से उन्हें आरेंज कैप का खिताब भी मिला। गेंदबाजी के मामले में भी बाजी मारी चेन्नई के तेज गेंदबाज मोहित शर्मा ने। उन्होंने 16 मैचों में 23 विकेट लिए। उनका एवरेज रहा19.65 का और उनकी बेस्ट बालिंग रही 4 रन देकर 4 विकेट लिए। उनकी बालिंग के लिए उन्हें पर्पल कैप का खिताब दिया गया।

एक तरफ जहां बल्लेबाजी और गेंदबाजी में भारतीय खिलाड़ी आगे रहे वहीं इस आइपीएल में शतक लगाने के मामले में भी देसी खिलाड़ियों ने बाजी मार ली। इस आइपीएल में कुल 3 शतक में से 2 भारतीय बल्लेबाजों के बल्ले से निकले। सबसे पहला शतक मुंबई के लेंडल सिमंस ने लगाया। उन्होंने पंजाब के खिलाफ 86 गेंदों ने नाबाद 100 रन की पारी खेली और टीम के जीत दिलाई। ये आइपीएल 7 की पहली सेंचुरी थी। इसके बाद आइपीएल का दूसरा शतक पंजाब के ओपनर वीरेंद्र सहवाग के बल्ले से निकला। उन्होंने चेन्नई के खिलाफ ताबड़तोड़ 58 गेंदों में 122रन की पारी खेली। इस मैच में पंजाब ने चेन्नई को 24 रन से हराया। आइपीएल का तीसरा और आखिरी शतक रिद्धिमान साहा ने लगाया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने कोलकाता के खिलाफ 55 गेंदों में 115 रन बनाए और नाबाद रहे। हालांकि उनकी ये पारी टीम के काम नहीं आई और उनकी टीम हार गई।

हिन्दुस्थान समाचार/धीरेन्द्र/गोविन्द

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Saurabh Sharma
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