मार्च 09, नई दिल्ली (CRICKETNMORE): इंडियन प्रीमियर लीग 2017 के आरम्भ होने में अब से कुछ ही दिन शेष हैं। आईपीएल के दसवें सीजन को लेकर पहले से ही फैंस के बीच खासा उत्साह का मंजर देखने को मिल रहा है। लेकिन इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईपीएल के आयोजन को लेकर एक ऐसी खबर सुर्खियों में है जिसकी वजह से न सिर्फ फैंस को निराशा हाथ लगने वाली है बल्कि आईपीएल 2017 के आयोजन को लेकर भी संशय की स्थिति बरकरार है। विराट पर बयान देने वाले इयान हिली ने जब खुद अंपायर का किया था अपमान: VIDEO

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गौरतलब है कि मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई प्रबंधन समिति (COA) और राज्य क्रिकेट संघों के बीच चल रहे झगड़े का असर आईपीएल पर दिख सकता है। मतलब साफ है कि यदि आईपीएल 2017 का आयोजन नहीं हुआ तो बीसीसीआई कंगाल भी हो सकता है।

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एक साक्षात्कार के दौरान बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि “यदि वे आईपीएल को छूते हैं तो बड़ी आपदा होगी”। तर्कों के अनुसार यदि आईपीएल 2017 का आयोजन नहीं हुआ तो बीसीसीआई को 2500 करोड़ का नुकसान भुगतना होगा।

आपको बताते चले कि सभी राज्य संघ को आईपीएल के एक मैच के लिए 60 लाख रूपये दिए जाते हैं जिसमें 30 लाख रूपये बीसीसीआई से तो वहीं बांकी पैसे फ्रेंचइजी से आते हैं। आईपीएल के पिछले संस्करणों में ये पैसे टूर्नामेंट के दौरान संघों को बोर्ड की तरफ से मिल जाते थे। लेकिन पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब तक लोढ़ा समिति की सिफारिशें राज्य संघ लागू नहीं करेंगे, तब तक बीसीसीआई से कोई फंड उन्हें जारी नहीं होगा।

 

उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, बांग्लादेश, और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए टेस्ट, वनडे और टी-20 टूर्नामेंट में भी सीरीज खतरे में थी। उस दौरान राज्य संघों ने कहा था कि वे इतना ज्यादा खर्च वहन नहीं कर पाएंगे और इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फंड जारी करने की अनुमति प्रदान कर दी थी। वहीं अब आईपीएल के लिए ऐसी कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि कुछ राज्य संघों का ये कहना है कि जब तक बोर्ड और फ्रेंचाइजी की तरफ से उन्हें फंड नहीं मिलेगा, वे आयोजन कराने में असमर्थ हैं। अब चाहे फैसला जो भी आए एक बात तो तय है कि क्रिकेट प्रेमियों को 5 अप्रैल तक का इंतजार करना होगा।     

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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