इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अक्सर कुछ ऐसे फैसले लेता है जो दुनिया के बाकी क्रिकेट बोर्ड्स के लिए मिसाल बन जाता है और इस बार भी इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड ने कुछ ऐसा ही किया है। इंग्लैंड आज के आधुनिक युग में द्विपक्षीय क्रिकेट में टूरिंग फीस का भुगतान करने वाला पहला मेजबान बोर्ड बनने वाला है।

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जिम्बाब्वे की टीम अगले साल एकमात्र टेस्ट मैच खेलने के लिए इंग्लैंड का दौरा करने वाली है और इस दौरे के लिए इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड ने जिम्बाब्वे जैसे आर्थिक रूप से कमज़ोर क्रिकेट बोर्ड को टूरिंग फीस देने का फैसला किया है। ऐसा करते ही इंग्लैंड ये कदम उठाने वाला पहला क्रिकेट बोर्ड भी बन जाएगा।

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इस बारे में जानकारी देते हुए ईसीबी प्रमुख रिचर्ड गोल्ड ने कहा कि ईसीबी और अन्य वित्तीय रूप से मजबूत बोर्ड, जैसे कि भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड, पर टेस्ट क्रिकेट की प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा, "जब आप देखते हैं कि ये आईसीसी से राजस्व हिस्सेदारी है या वास्तव में द्विपक्षीय क्रिकेट से राजस्व हिस्सेदारी है, जो वास्तव में जिस तरह से इसे वितरित किया जाता है, वो काफी पुराना है।"

आगे बोलते हुए गोल्ड ने कहा, "आम तौर पर दौरा करने वाली टीम खुद ही देश में प्रवेश करती है और फिर उसके रहने-खाने और बाकी सभी चीजों का ध्यान रखा जाता है, लेकिन दौरा करने वाली टीम के लिए कोई शुल्क नहीं है। अगले साल जब हम जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलेंगे, तो दौरा करने वाली टीम के लिए शुल्क होगा।"

आपको बता दें कि ये टेस्ट मई में खेला जाएगा, लेकिन अभी तक स्थल तय नहीं हुआ है। 2003 के बाद ये पहली बार होगा जब जिम्बाब्वे द्विपक्षीय क्रिकेट के लिए इंग्लैंड का दौरा करेगा।

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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