भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पांचवें और आखिरी दिन शानदार वापसी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 298 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी और अब इंग्लैंड को ये मैच जीतने के लिए 60 ओवरों में 272 रनों की दरकार है। भारत के लिए मोहम्मद शमी (56) और जसप्रीत बुमराह (34) नाबाद पवेलियन लौटे। 

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पांचवें दिन के पहले सेशन में जब ऋषभ पंत जल्दी आउट हो गए तो ऐसा लगा कि भारत 200 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाएगा लेकिन बुमराह और शमी ने बल्ले से जिस तरह की परिपक्वता दिखाई, उसने करोड़ों दिल जीत लिए। एक समय इंग्लैंड ये मैच आसानी से जीतता हुआ नजर आ रहा था लेकिन उनकी एक गलती उन पर भारी पड़ गई और मैच उनसे दूर चला गया।

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दरअसल, जब बुमराह बल्लेबाज़ी के लिए आए तो ये सब जानते थे कि इंग्लिश गेंदबाज़ उन पर बाउंसर्स की बौछार करेंगे और मार्कवुड और ओली रॉबिंसन ने बिल्कुल वैसी ही शुरुआत भी की। वुड ने पहली बॉल से ही बुमराह पर बाउंसर्स से हमला करना शुरू कर दिया और दो बार तो गेंद उनके हेल्मेट पर भी लगी। इस दौरान इंग्लिश खिलाड़ी बुमराह से उलझते हुए भी नजर आए।

बुमराह जो अक्सर जल्दी आउट हो जाते हैं, ने बाउंसर्स झेले, इंग्लिश प्लेयर्स की हीट का सामना भी किया लेकिन अपना विकेट नहीं फेंका। बल्कि इंग्लिश खिलाड़ियों से बहस के बाद उन्होंने एक बल्लेबाज़ की तरह एकाग्रता दिखाई और अंत तक नाबाद रहकर भारत को मज़बूत स्थिति तक पहुंचाया।

बुमराह जब बल्लेबाज़ी के लिए आए थे अगर तब इंग्लिश गेंदबाज़ उन पर बाउंसर्स से हमला करने की बजाय उनको आउट करने के लिए जाते, तो कहानी कुछ और हो सकती थी लेकिन कप्तान जो रूट ने शुरुआत में बुमराह के खिलाफ बदले की भावना दिखाकर बुमराह का काम आसान कर दिया और अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली।

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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