पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक बार फिर से बीसीसीआई से पंगा लेने की तैयारी में जुट चुका है। जब से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव जय शाह ने कहा है कि ICC के फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) में अगले साल से IPL के लिए ढाई महीने की एक अलग विंडो होगी, तभी से पाकिस्तान को मिर्च लगी हुई है और वो किसी भी तरह ऐसा नहीं होने देना चाहते हैं। 

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इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष रमीज रजा ने भी डंके की चोट पर आईपीएल के लिए एक अलग से विंडो होने का बॉयकॉट करने का ऐलान कर दिया है। रमीज ने कहा है कि वो आईसीसी की अगली बैठक में इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे। राजा के इस बयान से ज़ाहिर है कि वो आईपीएल के लिए अलग से विंडो नहीं होने देंगे। ऐसे में दोनों देशों के रिश्ते सुधरने तो दूर बिगड़ने लाज़मी हैं।

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रमीज राजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा, “आईपीएल विंडो को बढ़ाने पर अभी तक कोई घोषणा या निर्णय नहीं हुआ है। मैं इस मुद्दे पर आईसीसी सम्मेलन में अपने विचार रखूंगा। मेरी बात स्पष्ट है, अगर विश्व क्रिकेट में कोई विकास होता है, जिसका मतलब है कि कुछ बदला जा रहा है, तो हम इसे बहुत ही जोरदार तरीके से चुनौती देंगे और आईसीसी में अपनी बात को मजबूती से रखेंगे।”

अगर आईसीसी आईपीएल के लिए अलग से विंडो देती है तो सबसे ज्यादा नुकसान पाकिस्तान को होगा। विशेष रूप से, भारत के साथ राजनीतिक तनाव के कारण पाकिस्तान के खिलाड़ियों और कोचों के आईपीएल में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आईपीएल 2022 के कारण पाकिस्तान ने इस साल 6 अप्रैल से 7 जून तक कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला और अगर आईपीएल को आईसीसी से विस्तारित विंडो मिलती है तो ये मामला और भी खराब हो जाएगा। ऐसे में यही सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान नहीं चाहता कि आईपीएल को अलग से विंडो दी जाए।

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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