हरभजन सिंह और शांताकुमारन श्रीसंत के बीच हुए कुख्यात 'स्लैपगेट' घटना के लगभग दो दशक बाद भी इस घटना का जिक्र कहीं न कहीं हो जाता है। अब इस घटना का जिक्र फिर से हुआ है क्योंकि श्रीसंत ने एक हालिया विज्ञापन को लेकर हरभजन सिंह की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है। इस विज्ञापन में दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई पुरानी झड़प का ज़िक्र किया गया था।
इस विवाद की शुरुआत 2008 में IPL के पहले सीज़न के दौरान हुई थी। उस समय, मैच के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई कहा-सुनी एक बड़ी और चर्चित विवाद बन गई थी। इस झड़प के बाद श्रीसंत की परेशान और दुखी तस्वीरें तेज़ी से वायरल हुईं, जिसके बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के तहत हरभजन को टूर्नामेंट के बाकी मैचों के लिए निलंबित कर दिया गया था।
हालांकि, अब श्रीसंत ने साफ किया है कि वो उस घटना से इतना परेशान नहीं थे लेकिन उस घटना से पैसे कमाने को लेकर वो काफी निराश थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस विज्ञापन से हरभजन ने काफ़ी कमाई की और उन्होंने श्रीसंत से सोशल मीडिया पर उस विज्ञापन को प्रमोट करने में मदद करने के लिए भी कहा था, जिसे श्रीसंत ने साफ़ तौर पर मना कर दिया।
मलयालम समाचार आउटलेट 'मातृभूमि' से बात करते हुए श्रीसंत ने कहा, "मैंने किसी भी इंटरव्यू में भज्जी के बारे में कभी बात नहीं की है। ये पहली बार होगा जब मैं उनके बारे में कुछ कह रहा हूं। हाल तक हमारे बीच कोई समस्या नहीं थी, लेकिन उन्होंने एक बार फिर उसी घटना पर आधारित एक विज्ञापन बना दिया। उन्होंने उस विज्ञापन से लगभग 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक कमाए। इसके बाद उन्होंने मुझे फ़ोन किया और मुझसे उस विज्ञापन को अपनी 'स्टोरी' में लगाने के लिए कहा। मैंने उनसे कहा, 'मैं तुम्हें माफ़ तो कर दूंगा, लेकिन उस घटना को कभी नहीं भूलूंगा।' अगर कोई आपके साथ कुछ ग़लत करता है, तो आपको उसे माफ़ कर देना चाहिए, लेकिन उस घटना को कभी नहीं भूलना चाहिए। अगर आप भूल जाएंगे, तो वो व्यक्ति दोबारा वही ग़लती करेगा। हरभजन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। इसमें कोई शक नहीं है।"
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श्रीसंत ने दोनों के मौजूदा रिश्तों के बारे में भी बात की और ये साफ़ कर दिया कि उनके बीच सुलह या मेल-मिलाप की जो भी भावना पहले थी, वो अब पूरी तरह से ख़त्म हो चुकी है। श्रीसंत ने कहा, "उस व्यक्ति से मेरा अब कोई रिश्ता नहीं है। मैं पहले उन्हें अपना भाई मानता था। लेकिन पिछले 1-2 महीनों में, जब उन्होंने वो विज्ञापन बनाया, तो मैंने उन्हें इंस्टाग्राम पर 'ब्लॉक' कर दिया है। मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया है कि माफ़ कर दो, लेकिन भूलो मत। मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है और न ही मुझे उनकी ज़रूरत है। भगवान उन्हें और उनके परिवार को खुश रखे। कई इंटरव्यू में, यहां तक कि अश्विन के साथ भी, उन्होंने मेरी बेटी के बारे में बात की। लोग सोचेंगे, ‘अरे, वो कितना महान इंसान है।’ हो सकता है वो सच में महान इंसान हो। लेकिन मेरे लिए, जब मैं भारत के लिए खेलता था तब से लेकर अब तक मेरी राय में, ये सब बस एक दिखावा है।”