भारत और श्रीलंका के बीच रविवार को विमेंस एशिया कप 2026 का फाइनल मैच खेला जाना है। भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा इस संस्करण के चार मुकाबलों में 42 की औसत के साथ 168 रन बनाकर शीर्ष पर हैं। वहीं, उनकी जोड़ीदार स्मृति मंधाना (154 रन) इस संस्करण में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं।
भारत के पूर्व क्रिकेटर विवेक राजदान का मानना है कि उप-कप्तान स्मृति मंधाना को उच्च जोखिम वाले आक्रामक खेल की नकल करने के बजाय, पारी को संभालकर अपनी स्वाभाविक ताकत के अनुसार खेलना चाहिए।
भारत ने अब तक कुल 7 बार (4 बार वनडे फॉर्मेट, 3 बार टी20 फॉर्मेट) विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है। इस बार भी भारत खिताबी जीत के प्रबल दावेदार के तौर पर उतरेगा। हालांकि, उन्हें साल 2024 के संस्करण के फाइनल में श्रीलंका से हार का सामना करना पड़ा था।
शुक्रवार को खेले गए 'सेमीफाइनल-2' में पाकिस्तान को 130/5 के स्कोर पर रोकने के बाद श्रीलंका ने महज 33 के स्कोर पर 4 विकेट गंवाने के बावजूद 18.4 ओवरों में 4 विकेट शेष रहते जीत दर्ज की थी। ऐसे में राजदान ने भारतीय टीम को मौजूदा चैंपियन श्रीलंका को हल्के में न लेने की चेतावनी दी।
'सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क' की तरफ से आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में राजदान ने 'आईएएनएस' से कहा, "भारत बहुत मजबूत टीम है, लेकिन आप श्रीलंका को कम नहीं आंक सकते, खासकर जिस तरह से उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेला। 33/4 के स्कोर के बाद भी उन्होंने लक्ष्य हासिल कर लिया। चामरी अट्टापट्टू के जल्दी आउट होने के बावजूद, आपने देखा कि टीम की बल्लेबाजी में कितनी गहराई है।"
इसके साथ ही राजदान ने भारत के गेंदबाजी आक्रमण के हालिया फॉर्म की तारीफ करते हुए श्री चरणी, शेफाली वर्मा, प्रेमा रावत और दीप्ति शर्मा के अहम योगदान का जिक्र किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि स्मृति को शेफाली की शैली के अनुरूप खेलने के बजाय अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए।
उन्होंने कहा, "भारतीय टीम की गेंदबाजी लाइन-अप बहुत मजबूत है। आप श्री चरणी, शेफाली या दीप्ति की बात कर सकते हैं। इन सभी ने इन मुकाबलों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन एक चीज है जिस पर काम करने की जरूरत है—आप पावरप्ले में कैसे बल्लेबाजी करते हैं? पिछले मैच में, शेफाली ने बांग्लादेश के खिलाफ अर्धशतक लगाया, लेकिन उन्हें तीन कैच छूटने और एक रन-आउट के मौके से जीवनदान मिला। स्मृति मंधाना के लिए लंबे समय तक बल्लेबाजी करना बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे नहीं पता क्यों, लेकिन मुझे लगता है कि स्मृति कभी-कभी शेफाली जैसा बनने की कोशिश करती हैं। यह उनका खेल नहीं है।"
इसके साथ ही राजदान ने भारत के गेंदबाजी आक्रमण के हालिया फॉर्म की तारीफ करते हुए श्री चरणी, शेफाली वर्मा, प्रेमा रावत और दीप्ति शर्मा के अहम योगदान का जिक्र किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि स्मृति को शेफाली की शैली के अनुरूप खेलने के बजाय अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए।
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उन्होंने कहा, "अगर आप बिना कोई विकेट गंवाए पावरप्ले खेल लेते हैं, तो बड़ा स्कोर बना पाएंगे क्योंकि यह सब शीर्ष-4 बल्लेबाजों पर निर्भर करता है। हमारे पास कुछ ऐसे बल्लेबाज हैं, जो पारी के आखिर में मदद कर सकते हैं, लेकिन अगर आप मैच और फाइनल जीतना चाहते हैं, तो मेरी नजर एक खास खिलाड़ी पर होगी जो यह कर सकती हैं, और वह हैं स्मृति मंधाना।"