उत्तर प्रदेश पीडी (यूपीडीएसीए) ने रोमांचक फाइनल मुकाबले में मौजूदा चैंपियन मुंबई को 4 विकेट से हराकर 5वीं एलीट नेशनल दिव्यांग टी-20 क्रिकेट चैंपियनशिप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। यह चैंपियनशिप कर्नाटक राज्य दिव्यांग क्रिकेट संघ (केएसडीसीए) के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। केएसडीसीए, फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीसीएआई) की राज्य इकाई है। पीसीसीएआई, डीसीसीआई का संस्थापक सदस्य संघ भी है।
मैच की बात करें तो मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 7 विकेट पर 171 रन बनाए थे। रविंद्र सांटे ने 71 रनों की शानदार नाबाद पारी खेली थी। इसके अलावा, विक्रांत केनी ने 54 रनों का योगदान दिया।
उत्तर प्रदेश की ओर से मो. सादिक ने 4 ओवर में 24 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।
172 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, उत्तर प्रदेश ने निडर और आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। कप्तान राहुल सिंह ने सिर्फ 13 गेंदों में तेजी से 31 रन बनाकर टीम को शानदार शुरुआत दी। विंटू यादव ने महत्वपूर्ण 35 रन बनाए, जबकि दीपेंद्र सिंह ने 54 रनों की नाबाद पारी खेलकर पारी को संभाला और उत्तर प्रदेश को 18.5 ओवरों में 6 विकेट पर 173 तक पहुंचाकर 4 विकेट से जीत दिलायी।
इस जीत के साथ, उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट में खुद को सबसे मजबूत टीमों में से एक के रूप में स्थापित कर लिया है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अनुशासन, दृढ़ संकल्प और असाधारण क्रिकेट खेला।
युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की एक विशेष पहल के तहत, चैंपियनशिप में भाग लेने वाले 15 वर्ष से कम आयु के तीन खिलाड़ियों को प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया और प्रत्येक को 5,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
भाग लेने वाली 12 टीमों में से, आठ टीमों को 20,000 रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त, दोनों सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों को 50,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। रनर-अप टीम (मुंबई) को 1,25,000 रुपये मिले, जबकि चैंपियन टीम उत्तर प्रदेश को 2,50,000 रुपये का नकद इनाम मिला।
डीसीसीआई के महासचिव रवि चौहान ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दिव्यांग क्रिकेटरों के समर्पण और जज्बे की सराहना की और कहा कि ऐसी चैंपियनशिप भारत में समावेशी खेलों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
भाग लेने वाली 12 टीमों में से, आठ टीमों को 20,000 रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त, दोनों सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों को 50,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। रनर-अप टीम (मुंबई) को 1,25,000 रुपये मिले, जबकि चैंपियन टीम उत्तर प्रदेश को 2,50,000 रुपये का नकद इनाम मिला।
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फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच रहे उत्तर प्रदेश के विंटू यादव को 7,777 रुपये का पुरस्कार दिया गया। विंटू यादव ही टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुने गए। इस पुरस्कार के तहत सम्मान राशि के रूप में उन्हें 25,000 रुपये मिले। उत्तर प्रदेश के दीपेंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर के रूप में 10,000 रुपये मिले। दीपेंद्र सिंह को ही सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का भी पुरस्कार भी मिला और इस एवज में 10,000 मिले।