भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक का मानना है कि वॉशिंगटन सुंदर की इंजरी और उसके बाद लगातार गंवाए दो विकेट के कारण भारतीय पारी बुरी तरह से लड़खड़ा गई और यह मुकाबला का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट रहा। उन्होंने कहा कि 233 रनों का टोटल काफी नहीं था।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए सितांशु ने कहा, "देखिए, आखिरी मैच में भी साझेदारी हुई थी और इस मुकाबले में भी पार्टरनशिप हुई। हमारा स्कोर 178/3 था और जब तक विराट कोहली खेल रहे थे तब तक साझेदारी हो रही थी। हालांकि, वॉशिंगटन सुंदर की इंजरी दुर्भाग्यपूर्ण रही और उसके बाद वह आउट हो गए। इसके बाद हमने दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए और मुझे लगता है कि इसी चीज ने सबसे बड़ा अंतर पैदा किया। अगर हम 270 या 280 रन बनाते, तो यह यकीनन चुनौतीपूर्ण होता।"
हालांकि, भारतीय बैटिंग कोच ने इस हार के लिए पिच को जिम्मेदार ठहराने से साफतौर पर इनकार किया। उन्होंने कहा, "ऐसा लगा कि आगे वाली गेंदें बराबर आ रही थीं, जबकि बैक ऑफ लेंथ गेंदें पहली पारी में थोड़ा से रुक कर ऊपर आ रहा था। दूसरी पारी में इतना ऊपर तो नहीं आ रहा थी, लेकिन धीमी जरूर आ रही थी। दोहरा उछाल वाला थोड़ा विकेट था, लेकिन हमें समझ आ रहा था कि विकेट कैसा खेल रहा है। ऐसे में पिच को जिम्मेदार ठहराना का कोई मतलब नहीं है।"
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए सितांशु ने कहा, "देखिए, आखिरी मैच में भी साझेदारी हुई थी और इस मुकाबले में भी पार्टरनशिप हुई। हमारा स्कोर 178/3 था और जब तक विराट कोहली खेल रहे थे तब तक साझेदारी हो रही थी। हालांकि, वॉशिंगटन सुंदर की इंजरी दुर्भाग्यपूर्ण रही और उसके बाद वह आउट हो गए। इसके बाद हमने दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए और मुझे लगता है कि इसी चीज ने सबसे बड़ा अंतर पैदा किया। अगर हम 270 या 280 रन बनाते, तो यह यकीनन चुनौतीपूर्ण होता।"
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भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 44 ओवर में 233 रन बनाकर ऑलआउट हुई। टीम की ओर से विराट कोहली ने 65 और श्रेयस अय्यर ने 66 रन बनाए। हालांकि, इन दोनों को छोड़कर बाकी बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इंग्लैंड ने 234 रनों के लक्ष्य को 44.1 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल किया। इंग्लैंड की ओर से जो रूट 99 रन बनाकर नाबाद रहे।