इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्हें ना चाहते हुए भी वक्त से पहले अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कहना पड़ा है। ऐसे ज्यादातर खिलाड़ियों की संन्यास की वज़ह उनके प्रदर्शन में गिरावट, मानसिक तनाव, कोई बड़ी बीमारी या बोर्ड के द्वारा उनकी अनदेखी रही है।
क्रिकेट इतिहास में कई दिग्गज खिलाड़ी हुए है जिन्होंने लंबे समय तक मैदान और फैंस के दिलों पर राज किया जैसे कि सचिन तेंदुलकर, एलिस्टर कुक, मार्क वॉ, सुनिल गावस्कर, महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा, शाहिद अफरीदी, रिकी पोंटिंग आदि। लेकिन इन्ही सबके बीच क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे बदकिस्मत खिलाड़ी भी रहे हैं जिनका इंटरनेशनल करियर शुरू तो हुआ लेकिन ज्यादा लंबा चल ना सका। आज हम आपको बताएंगे क्रिकेट इतिहास से जुड़े उन तीन खिलाड़ियों के बारे में जिनका करियर इंटरनेशनल क्रिकेट में वक्त से पहले ही खत्म हो गया।
1- क्रेग कीस्वेटर
क्रेग कीस्वेटर इंग्लैंड क्रिकेट टीम के प्रतिभाव और उभरते हुए सितारे थे, लेकिन बदकिस्मती से इंग्लैंड टीम का ये सितारा ज्यादा समय तक चमक ना सका और आंख पर लगी एक गंभीर चोट के कारण क्रिकेट के मैदान से दूर हो गया।
कीस्वेटर ने इंग्लैंड के लिए 22 साल की उम्र में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था। उन्होंने 2010 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की टीम को विजेता बनाने में अहम भूमिका भी निभाई थी। उस टी20 टूर्नामेंट में क्रेग के बल्ले से 261 रन निकले थे। लेकिन 2015 में एक काउंटी क्रिकेट मैच के दौरान उन्ही के साथी खिलाड़ी डेविड विली की बॉल उनके हेल्मेट के अंदर घूसती हुई आँख से टकरा गई। जोकि कीस्वेटर के लिए करियर खत्म करने वाली बॉल साबित हुई। उस चोट के बाद इंग्लैंड का ये टेलेंटिड खिलाड़ी क्रिकेट के मैदान पर कभी वापसी नहीं कर पाया और 25 साल की उम्र में संन्यास लेकर गुमनामी के अंधेरों में गायब हो गया।
2- जेम्स टेलर
लिस्ट में जो दूसरा खिलाड़ी शामिल है, वो भी इंग्लैंड क्रिकेट टीम का ही हिस्सा रहा है नाम है जेम्स टेलर। क्रिकेट का जन्मदाता देश इंग्लैंड में कभी टेलेंटिड खिलाड़ियों की कमी नहीं रही है उन्ही में से एक थे जेम्स टेलर। जेम्स ने अपने करियर की शुरूआत 2011 में की थी तब उनकी उम्र 21 साल थी, लेकिन अपने करियर की शुरूआत के मात्र 5 साल बाद सभी को पता चला कि जेम्स को दिल से संबंधित बीमारी है और अगर वह लगातार क्रिकेट खेलना जारी रखते हैं तो ये बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।
संन्यास के समय 26 साल के टेलर शानदार फॉर्म में थे। उस साल उन्होंने इंग्लैंड के लिए शतक भी लगाया था। अपने करियर में वे सिर्फ 7 टेस्ट और 27 वनडे मैच ही खेल सके। टेस्ट मैच की 13 पारियों में उन्होंने 312 रन बनाए थे, वहीं वनडे क्रिकेट की 26 पारियों में उनके बल्ले से 42.24 की औसत से 887 रन निकले।
3- प्रज्ञान ओझा
भारतीय क्रिकेट टीम का ये स्पिन गेंदबाज जितना टेलेंटिड था, उतना ही बदकिस्मत भी। ओक्षा ने 27 साल की उम्र में अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया था। इस दौरान उन्होंने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच में सिर्फ 2.69 की औसत से 113 विकेट चटकाए अपने टेस्ट करियर के दौरान उन्होंने 7 बार 5 विकेट हॉल भी लिया। टेस्ट क्रिकेट के अलावा ओझा ने 18 वनडे में 21 और 6 टी20 मैचों में 10 विकेट भी हासिल किये, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी प्रज्ञान ओझा भारत के लिए कभी मुख्य स्पिन गेंदबाज नहीं बन सके और सेलेक्टर्स की अनदेखी ने इस गेंदबाज को समय से पहले ही संन्यास लेने पर मजबूर कर दिया।