मांकड़ नाम तो सुना ही होगा.... टीम इंडिया के महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ (Vinoo Mankad) । इंटरनेशनल क्रिकेट में दशकों तक रन आउट के विवादास्पद तरीके से उनका नाम जोड़ा गया। लेकिन वीनू और उनके परिवार का रिश्ता भारतीय क्रिकेट के कई एतेहासिक पलों से भी जुड़ा रहा है। वीनू मांकड़ औऱ उनके बेटे अशोक मांकड़ (Ashok Mankad) भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाली कई पिता-पुत्र की जोड़ी में से एक रहे। 

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वीनू भारत की पहली टेस्ट जीत और उनके बेटे अशोक इंग्लैंड में भारत की पहली टेस्ट और सीरीज जीत का हिस्सा रहे। 

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भारतीय टीम ने अपने टेस्ट इतिहास का पहला मुकाबला जून 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेला था, लेकिन पहली जीत के लिए करीब 20 साल का इंतजार करना पड़ा। भारत को टेस्ट क्रिकेट में पहली जीत मिली फरवरी 1952 में। इस जीत के हीरो थे ऑलराउंडर वीनू मांकड़, जिन्होंने उस मैच में पहली पारी में 8 विकेट और दूसरी पारी में 4 विकेट लिए थे। उस मैच में भारत ने एक पारी और 8 रन से इंग्लैंड को मात दी थी। 

अपने घर में तो भारतीय टीम ने अंग्रेजों को हार का स्वाद चखा दिया था लेकिन इंग्लैंड की उसकी ही धरती पर हराने के लिए 39 साल का समय लगा और पहली जीत आई सन् 1971 में। जब भारत ने केनिंग्टन ओवल में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड को 4 विकेट से हराया। अशोक मांकड़ इंग्लैंड की धरती पर भारत की उस पहली टेस्ट जीत हिस्सा थे। हालांकि वह बल्ले से टीम की जीत में अपना योगदान नहीं दे पाए थे। इस सीरीज के पहले 2 मैच ड्रॉ रहे थे, जिससे भारत ने इंग्लैंड में अपनी पहली सीरीज भी जीती। 

अब एक नजर डालते हैं दोनों के करियर के आंकड़ों पर। वीनू मांकड़ ने भारत के लिए 44 टेस्ट मैच खेले और पांच शतक और छह अर्धशतकों की बदौलत 2109 रन बनाए। जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 231 रन रहा। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने 162 विकेट अपने खाते में डाले, जिसमें पारी मे 52 रन देकर 8 विकेट उनका बेस्ट गेंदबाजी प्रदर्शन रहा। लेकिन अशोक का करियर पिता की तरह शानदार नहीं रही और वह 22 टेस्ट में 991 रन ही बना पाए। 

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वीनू मांकड़ के अशोक के अलावा 2 और बेटे थे, राहुल और अतुल। दोनों ने क्रिकेट तो खेला लेकिन उनका सफर फर्स्ट क्लास क्रिकेट तक ही सिमट कर रह गया

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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