ब्राजील के महानतम फुटबॉल खिलाड़ी पेले के कैंसर से 82 वर्ष की उम्र में निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी है।

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पेले का निधन शुक्रवार को ब्राजील और दक्षिण अमेरिका में अखबारों की हेडलाइंस बना रहा। फोल्हा डी एस पाउलो ने 20वीं शताब्दी के आइकन पर कहा, पेले ने खेल की ताकत दिखाई और प्रसिद्धि की नयी सीमा तय की।

इसने पेले की नाइजीरिया के गृह युद्ध को अस्थायी रूप से रोकने में भूमिका पर प्रकाश डाला। संघर्षरत पक्षों ने 1969 में दो दिन के संघर्षविराम पर हस्ताक्षर किये, इस दौरान एक मैत्री मैच खेला गया जिसमें 10 नंबर की प्रसिद्ध जर्सी शामिल थी।

फोल्हा डी एस पाउलो के जुका कफौरी ने लिखा,सुपरस्टार ने दिखाया कि उनकी फुटबॉल ने युद्ध रोक दिया और खेल को हमेशा के लिए बदल दिया।

अखबार ने पेले की अपने प्रोफेशनल करियर में उच्च स्तर को बनाये रखने की क्षमता की सराहना की। अखबार ने कहा, उनके 20 साल के करियर के दौरान टीमें बदल गयीं और एकमात्र चीज जो नहीं बदली वह यह थी कि पेले हमेशा सन्दर्भ बने रहे।

एस्टाडो डी साओ पाउलो ने कहा कि पेले की भावना कभी नहीं मरेगी। अखबार ने लिखा, ओलम्पस के देवता की तरह पेले कभी मरते नहीं। वह दुनिया की याददाश्त में हमेशा जिन्दा रहेंगे। उन्होंने फुटबॉल को इंसानियत का सपना बना दिया था।

ग्लोबो एस्पोर्टे ने कहा कि पेले प्रसिद्धि के ऐसे शिखर पर पहुंच गए थे जो उनसे पहले और उनके खेलने के दिनों के बाद तक देखी नहीं गयी थी। अखबार ने कहा, पेले वैश्वीकरण से पहले ही वैश्विक हस्ती बन गए थे। इतिहास के महानतम फुटबॉल खिलाड़ी ने दुनिया का हर कोना जैसे अपना बना लिया था।

अखबार ने लिखा, पेले के मैचों का हर सप्ताह दुनिया में प्रसारण नहीं किया जाता था। उनकी उपलब्धियों के वीडियो को दिखाने के लिए इंटरनेट नहीं थे लेकिन उन्होंने दुनिया को जीत लिया था जो सबसे ज्यादा प्रभावशाली बात थी। वह परफेक्शन का उदाहरण बन गए थे। पेले मार्केटिंग से पहले ब्रांड बन गए थे।

पेले के निधन की खबर अर्जेंटीना में पहले पेज की खबर बन गयी थी। उन्होंने इस बहस को कुछ समय के लिए दरकिनार कर दिया कि पेले नहीं डिएगो माराडोना इतिहास के महानतम खिलाड़ी थे।

ऑनलाइन स्पोर्ट्स पत्रिका ओले ने कहा, फुटबॉल ने अपना बादशाह खो दिया है। इस खबर ने दुनिया को क्रिसमस उत्सव के बीच चौंका दिया है।

ब्यूनस आयर्स स्थित क्लेरिन अखबार ने कहा कि पेले ब्राजील की फुटबॉल को महान बनाने के लिए जिम्मेदार थे। उन्हें हमेशा शिद्दत से याद किया जाएगा।

ऑनलाइन स्पोर्ट्स पत्रिका ओले ने कहा, फुटबॉल ने अपना बादशाह खो दिया है। इस खबर ने दुनिया को क्रिसमस उत्सव के बीच चौंका दिया है।

आरआर

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