एशियन गेम्स 2026 के टीम इवेंट के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम का सफर बगैर कोई मेडल जीते समाप्त हुआ। मंगलवार को भारतीय टीम नॉर्थ कोरिया के हाथों 0-3 से हार गई।
श्रीजा अकुला, यशस्विनी घोरपड़े और दीया चितले को सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा, जिससे नॉर्थ कोरिया ने 'क्लीन स्वीप' करते हुए इस इवेंट में भारत का सफर समाप्त कर दिया। क्वार्टर फाइनल में हार का मतलब है कि एशियन गेम्स में महिला टीम के लिए भारत का पहला मेडल जीतने का इंतजार अभी भी जारी है।
श्रीजा क्वार्टर फाइनल में अपनी फॉर्म बरकरार नहीं रख सकीं और 7-11, 6-11, 5-11 से हारकर 0-3 से मुकाबला गंवा बैठीं।
भारत 0-1 से पिछड़कर मुश्किल स्थिति में था और यशस्विनी पर टीम की उम्मीदें बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, लेकिन यशस्विनी को सोंग ग्योंग प्योंग के हाथों 4-11, 3-11, 6-11 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे नॉर्थ कोरिया 2-0 से आगे हो गया।
अब भारत को मुकाबले में बनाए रखने और वापसी की कोशिश करने के लिए दीया चितले को सु योंग चा के खिलाफ तीसरा मैच जीतना बेहद जरूरी था, लेकिन भारतीय खिलाड़ी 9-11, 7-11 और 8-11 से हार गईं। इसी के साथ नॉर्थ कोरिया ने 3-0 से जीत सुनिश्चित करते हुए भारतीय महिला टीम का सफर समाप्त कर दिया।
इससे पहले, भारत मंगलवार को ही थाईलैंड के खिलाफ कड़े मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज करके क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था। भारतीय टीम ने 2-1 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत हासिल की, जिसमें यशस्विनी घोरपड़े ने दो जीत के साथ भारत को मुकाबले में बनाए रखा।
अब भारत को मुकाबले में बनाए रखने और वापसी की कोशिश करने के लिए दीया चितले को सु योंग चा के खिलाफ तीसरा मैच जीतना बेहद जरूरी था, लेकिन भारतीय खिलाड़ी 9-11, 7-11 और 8-11 से हार गईं। इसी के साथ नॉर्थ कोरिया ने 3-0 से जीत सुनिश्चित करते हुए भारतीय महिला टीम का सफर समाप्त कर दिया।
Also Read: LIVE Cricket Score
भारत ने अब तक एशियन गेम्स में टेबल टेनिस में तीन मेडल जीते हैं, और ये सभी ब्रॉन्ज मेडल हैं। बड़ी कामयाबी जकार्ता 2018 में मिली, जब भारतीय पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में देश का पहला टेबल टेनिस मेडल जीता। इसके बाद शरत कमल और मनिका बत्रा ने मिक्स्ड डबल्स में एक और ब्रॉन्ज मेडल जीता। हांगझोऊ 2023 में, सुतीर्था मुखर्जी और अयहिका मुखर्जी ने विमेंस डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जो इस इवेंट में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल था।