दोहा में विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ हार के बाद फ्रांस के तीन खिलाड़ियों-किंग्सले कोमैन, औरेलिएन चुआमेनी और रैंडल कोलो मुआनी-को नस्लभेदी टिप्पणियों का निशाना बनाया गया है।
फ्रांस को रविवार को खेले गए फाइनल में निर्धारित और अतिरिक्त समय तक मुकाबला 3-3 से बराबर रहने के बाद पेनल्टी शूट आउट में 2-4 से हार का सामना करना पड़ा था।
रोमांचक फाइनल के दौरान अतिरिक्त समय में कोलो मुआनी एक मौका चूक गए थे जबकि चुआमेनी और कोमैन दोनों ने शूट आउट में पेनल्टी गंवाई थी।
तीनों खिलाड़ियों को हार के बाद सोशल मीडिया पर कई नस्लीय टिप्पणियां सुनने को मिली जिसके बाद इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप का स्वामित्व रखने वाले मेटा ने इन टिप्पणियों को हटा दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार रियाल मेड्रिड के चुआमेनी के इंस्टाग्राम पोस्ट पर सीमित संख्या में टिप्पणियां हैं जबकि इंट्राच्ट फ्रैंकफर्ट के कोलो मुआनी ने उन्हें बंद कर दिया है।
मेटा ने एक बयान में कहा, हम इंस्टाग्राम पर नस्लभेदी टिप्पणियां नहीं चाहते हैं और हमने इन्हें हटा दिया है। हमने गोपनीय शब्द विकसित किये हैं जो इन अशोभनीय टिप्पणियों को फिल्टर करते हैं।
मेटा ने साथ ही कहा, हम खिलाड़ियों और उनकी टीमों के सीधे संपर्क में हैं और उन्हें जो मदद चाहिए, वह उन्हें दे रहे हैं।
बायर्न म्यूनिख ने एक बयान जारी करते हुए कोमैन का समर्थन किया है और उनके बारे में की गयी नस्लभेदी टिप्पणी की आलोचना की है।
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