Asian Games: हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह का मानना है कि भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर नई नारंगी जर्सी को लेकर उठी आलोचनाओं का मैदान पर करारा जवाब दिया है।
भारतीय हॉकी की पारंपरिक नीली जर्सी से हटकर नारंगी रंग की जर्सी अपनाए जाने के बाद से ही इसे लेकर चर्चा और आलोचना होती रही थी। पूर्व खिलाड़ी वीरन रसकिन्हा समेत कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने नीले रंग से हटने के फैसले पर सवाल उठाए थे। हालांकि, एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों के स्वर्ण पदक जीतने के बाद भोला नाथ सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दे दिया है।
भोला नाथ सिंह ने आईएएनएस से कहा, "नारंगी जर्सी का चयन खिलाड़ियों ने खुद किया था। उन्हें यह रंग पसंद आया और वे इसे चाहते थे। अब यह जर्सी बनी रहेगी। मुझे लगता है कि यह हमारी टीम के लिए भाग्यशाली रही है। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने इसे पहनकर स्वर्ण पदक जीते हैं। यह सभी आलोचकों को शानदार जवाब है।"
उन्होंने एशियाई खेलों के लिए रवाना होने से पहले टीमों को लेकर हुई आलोचना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से इसका सबसे अच्छा जवाब दिया।
भोला नाथ ने कहा, "एशियाई खेलों में आने से ठीक पहले इस टीम को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन खिलाड़ियों ने मैदान पर सर्वश्रेष्ठ तरीके से इसका जवाब दिया।"
हॉकी इंडिया ने 2026 एफआईएच हॉकी विश्व कप के लिए जब भगवा रंग वाली नई जर्सी पेश की थी, तभी से रंग को लेकर बहस शुरू हो गई थी। महासंघ ने स्पष्ट किया था कि जर्सी का रंग खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ से विचार-विमर्श के बाद तय किया गया। इसके पीछे तकनीकी कारणों का भी हवाला दिया गया था।
हॉकी इंडिया के अनुसार, नीली जर्सी नीले सिंथेटिक टर्फ के साथ मिल सकती थी, जिससे खिलाड़ियों की दृश्यता प्रभावित होने की संभावना थी। इसके बाद भगवा और पीले रंग को विकल्प के तौर पर देखा गया और खिलाड़ियों तथा कोचिंग स्टाफ की सहमति से भगवा रंग चुना गया। महासंघ ने यह भी कहा था कि भगवा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के महत्वपूर्ण रंगों में से एक है।
पूर्व भारतीय खिलाड़ी वीरन रसकिन्हा ने इस बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा था कि नीला रंग लंबे समय से भारतीय हॉकी की पहचान रहा है और प्रशंसकों के बीच भी टीम से जुड़ा हुआ है। हालांकि, एशियाई खेलों के प्रदर्शन ने नारंगी जर्सी को लेकर चर्चा का रुख बदल दिया है। भारतीय महिला टीम ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
हॉकी इंडिया के अनुसार, नीली जर्सी नीले सिंथेटिक टर्फ के साथ मिल सकती थी, जिससे खिलाड़ियों की दृश्यता प्रभावित होने की संभावना थी। इसके बाद भगवा और पीले रंग को विकल्प के तौर पर देखा गया और खिलाड़ियों तथा कोचिंग स्टाफ की सहमति से भगवा रंग चुना गया। महासंघ ने यह भी कहा था कि भगवा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के महत्वपूर्ण रंगों में से एक है।
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Article Source: IANS