अनूप श्रीधर का नाम भारतीय बैडमिंटन के शीर्ष एकल खिलाड़ियों में लिया जाता है। लंबे और सफल करियर के बाद श्रीधर अब कोचिंग के क्षेत्र में हाथ आजमा रहे हैं।
अनूप श्रीधर का जन्म 11 अप्रैल 1983 को बेंगलुरु में हुआ था। श्रीधर ने बैडमिंटन के गुर मशहूर खिलाड़ी और कोच प्रकाश पादुकोण से सीखे। इसके अलावा विमल कुमार से भी उन्होंने प्रशिक्षण लिया है।
श्रीधर ने 2000 के दशक की शुरुआत में भारत के प्रमुख एकल खिलाड़ियों में अपनी पहचान बनाई। श्रीधर ने 2006 में मेलबर्न में मिश्रित टीम के साथ कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा, 2007 में मलेशिया में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलंपिक्स में हिस्सा लेकर भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उस दौर में भारत के लिए ओलंपिक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना बड़ी उपलब्धि माना जाता था।
उनकी सबसे बड़ी और लोकप्रिय जीत 2004 एथेंस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले और 2005 के विश्व चैंपियन दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी इंडोनेशिया के तौफिक हिदायत के खिलाफ मानी जाती है।
श्रीधर ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ वर्ल्ड रैंकिंग (24) जनवरी 2010 में हासिल की थी। 1.89 मीटर लंबा यह खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में अपने दमदार स्मैश के लिए भी काफी लोकप्रिय रहा।
बैडमिंटन में श्रीधर के योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2008 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।
अनूप श्रीधर ने बैडमिंटन से संन्यास के बाद कोचिंग के क्षेत्र में कदम रखा है। उन्होंने अनूप श्रीधर बैडमिंटन एकेडमी की स्थापना की है। यह एकेडमी युवा खिलाड़ियों को बुनियादी तकनीक, फुटवर्क और मानसिक मजबूती सिखाने पर केंद्रित है।
बैडमिंटन में श्रीधर के योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2008 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।
Also Read: LIVE Cricket Score
अब वह भारत में युवाओं को बैडमिंटन में दक्ष करने में अपना निरंतर योगदान दे रहे हैं और एक खिलाड़ी के बाद एक मास्टर की भूमिका निभा रहे हैं।