भारतीय महिला कुश्ती कोच वीरेंद्र दहिया ने रजत पदक विजेता नीलम सिरोही और काजल ढोचक का समर्थन करते हुए कहा है कि वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 के अनुभव से वे और मजबूत होकर उभरेंगी। उन्हें पूरा भरोसा है कि ये दोनों, ऐतिहासिक स्वर्ण पदक विजेता मनीषा भनवाला के साथ मिलकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में देश के लिए पदक जीत सकती हैं।
भारत ने इस चैंपियनशिप में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पदक तालिका में भारत एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक के साथ चौथे स्थान पर रहा। मनीषा ने सीनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा। वहीं, नीलम (50 किग्रा) और काजल (76 किग्रा) ने रजत पदक जीते, जबकि तनु शर्मा ने 72 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया।
नीलम के प्रदर्शन पर बात करते हुए कोच दहिया ने बताया कि उन्हें जापान की युई सुसाकी (जो पांच बार की विश्व चैंपियन हैं) के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि फाइनल तक पहुंचना ही भारतीय पहलवान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
शनिवार को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) द्वारा आयोजित एक संयुक्त मीडिया बातचीत के दौरान 'आईएएनएस' के एक सवाल का जवाब देते हुए कोच दहिया ने कहा, "नीलम का मुकाबला जापान की युई सुसाकी से था, जो अपने आप में एक अद्भुत प्रतिभा हैं। वह एक असाधारण पहलवान हैं, मानो कोई चमत्कार हों। हालांकि, बेहतरीन खिलाड़ियों को भी हराया जा सकता है। सुसाकी को जापान में भी हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन इससे उनकी महानता कम नहीं हो जाती। नीलम का इस स्तर तक पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और हमें उन पर गर्व है। हमें पूरा विश्वास है कि आगे चलकर वह और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी।"
कोच ने यह भी कहा कि काजल के रजत पदक को उनके लगातार हो रहे विकास के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने दोनों पहलवानों का समर्थन करते हुए कहा कि वे भविष्य में भारत के अंतरराष्ट्रीय अभियानों में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने आगे कहा, "काजल भी अभी अनुभव हासिल कर रही हैं, और मनीषा के साथ-साथ ये दोनों ही भारतीय कुश्ती के भविष्य के सितारे हैं। ईश्वर ने चाहा तो हम इन तीनों को लॉस एंजिल्स ओलंपिक में हिस्सा लेते हुए और यहां जैसा शानदार प्रदर्शन दोहराते हुए देखेंगे।"
शनिवार को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) द्वारा आयोजित एक संयुक्त मीडिया बातचीत के दौरान 'आईएएनएस' के एक सवाल का जवाब देते हुए कोच दहिया ने कहा, "नीलम का मुकाबला जापान की युई सुसाकी से था, जो अपने आप में एक अद्भुत प्रतिभा हैं। वह एक असाधारण पहलवान हैं, मानो कोई चमत्कार हों। हालांकि, बेहतरीन खिलाड़ियों को भी हराया जा सकता है। सुसाकी को जापान में भी हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन इससे उनकी महानता कम नहीं हो जाती। नीलम का इस स्तर तक पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और हमें उन पर गर्व है। हमें पूरा विश्वास है कि आगे चलकर वह और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी।"
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Article Source: IANS