भारत के गुलवीर सिंह ने मंगलवार देर रात (भारत समय के अनुसार) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर फाइनल स्पर्धा में सिल्वर मेडल हासिल किया।
स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में मंगलवार (28 जुलाई 2026) को आयोजित प्रतियोगिता में गुलवीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 27:49.78 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर दौड़ पूरी की। इस स्पर्धा का गोल्ड ऑस्ट्रेलिया के काइ रॉबिन्सन (27:48.93 सेकंड) ने जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने (27:50.28 सेकंड) ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
गुलवीर ने शुरुआती 400 मीटर 1:13.5 सेकंड में पूरे किए, जबकि 5,000 मीटर पूरा करने में 14:16.1 सेकंड का समय लिया। वहीं, गोल्ड मेडल विजेता रॉबिन्सन ने 14:16.2 सेकंड में 5,000 मीटर की दूरी तय की थी, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे अपनी रफ्तार बढ़ाई। वहीं, तीसरे पायदान पर रहने वाले मुलार्की ने 14:16.5 सेकंड में आधी दौड़ पूरी की थी।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में 1 जून 1998 को जन्मे गुलवीर भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं। उनकी दौड़ने की यात्रा गांव की सड़कों और खेतों के रास्तों से तब शुरू हुई, जब वे भारतीय सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे थे।
साल 2018 में 'द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट' में शामिल होने के बाद, वे भारतीय एथलेटिक्स में लगातार आगे बढ़ते हुए देश के प्रमुख डिस्टेंस रनर बन गए। गुलवीर ने 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और इसके बाद 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता।
साल 2025 में साउथ कोरिया में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ में दो गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने नई ऊंचाइयां हासिल कीं और खुद को एशिया के प्रमुख लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के तौर पर स्थापित किया।
साल 2018 में 'द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट' में शामिल होने के बाद, वे भारतीय एथलेटिक्स में लगातार आगे बढ़ते हुए देश के प्रमुख डिस्टेंस रनर बन गए। गुलवीर ने 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और इसके बाद 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता।
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गुलवीर ने 5,000 मीटर इंडोर दौड़ को 12:59.77 में पूरा करके इतिहास भी रचा; ऐसा करने वाले वे पहले एशियाई एथलीट बने, जिन्होंने 13 मिनट का बैरियर तोड़ा और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया था।