Aman Sehrawat: भारतीय रेसलर अमन सहरावत ने हाल ही में खत्म हुए एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के 57 किलोग्राम कैटेगरी में नॉर्थ कोरिया के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हान चोंग सोंग को हराकर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले, उन्होंने हांग्जो में हुए एशियन गेम्स 2023 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
अमन ने मैच में वापसी करते हुए नॉर्थ कोरियाई रेसलर को 11-7 से हराया और पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले इस भारतीय रेसलर ने फाइनल से पहले की एक ऐसी बात बताई जिसने उन्हें जीत दिलाई। 'आईएएनएस' से बातचीत में 23 साल के अमन ने बताया कि उनके कोच ने उन्हें सलाह दी थी कि तैयारी के लिए मोबाइल पर अपने विरोधी या किसी दूसरे रेसलर का वीडियो न देखें, बल्कि अपनी स्किल पर भरोसा रखें और फाइनल के दिन उसे आजमाएं।
अमन ने 'आईएएनएस' को बताया, "मेरे कोच ने मुझसे कहा कि मैं अपनी रेसलिंग वैसे ही करूं जैसे दूसरे मैचों में करता था। विरोधी के रेसलिंग स्टाइल के हिसाब से न खेलूं। मुझसे कहा गया कि फोन पर किसी का वीडियो न देखूं। मुझे सलाह दी गई कि मैं अपने तरीके से लड़ूं और गोल्ड मेडल जीतूंगा। ऐसा ही हुआ।"
उन्होंने एशियन गेम्स 2023 के ब्रॉन्ज मेडल को गोल्ड में बदला और अब वे पेरिस ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडल को भी गोल्ड में बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मैं इसे बहुत गर्व का पल मानता हूं (गोल्ड जीतने के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराना)। अब मेरा लक्ष्य ओलंपिक में भी इस पल को महसूस करना है।"
अमन ने 'आईएएनएस' को बताया, "मेरे कोच ने मुझसे कहा कि मैं अपनी रेसलिंग वैसे ही करूं जैसे दूसरे मैचों में करता था। विरोधी के रेसलिंग स्टाइल के हिसाब से न खेलूं। मुझसे कहा गया कि फोन पर किसी का वीडियो न देखूं। मुझे सलाह दी गई कि मैं अपने तरीके से लड़ूं और गोल्ड मेडल जीतूंगा। ऐसा ही हुआ।"
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Article Source: IANS