असम सरकार द्वारा घोषित प्रतिष्ठित 'असम गौरव' पुरस्कार के लिए भारतीय फुटबॉल टीम के स्टार खिलाड़ी हलीचरण नारजारी को चुना गया है। खेल जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सरकार ने उन्हें इस सम्मान से अलंकृत किया है।
बचपन में अत्यधिक आभाव और खेल की बुनियादी सुविधाओं के बिना संघर्ष करते हुए बड़े हुए हलीचरण नारजारी की यह यात्रा बेहद प्रेरणादायक है। पैरों में जूते तक पहनने के साधन न होने की स्थिति से लेकर अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाई और देश का नाम रोशन किया। उनका यह संघर्षशील सफर आज देश भर के उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल बन गया है।
हलीचरण नारजारी का भारतीय फुटबॉल में लंबा और अनुभव से भरा करियर रहा है। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 2010 में पाईलान एरोज से की थी। इसके बाद वह डेम्पो एससी का हिस्सा बने। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में उन्होंने एफसी गोवा, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, केरल ब्लास्टर्स, चेन्नैयिन एफसी और बेंगलुरु एफसी जैसे प्रमुख क्लबों का प्रतिनिधित्व किया।
हलीचरण हैदराबाद एफसी की उस टीम का भी हिस्सा रहे, जिसने 2021-22 सीजन में आईएसएल का खिताब जीता था। साल 2026 में उन्होंने अपने गृह क्षेत्र की टीम बोडोलैंड एफसी से जुड़कर नई शुरुआत की। डूरंड कप 2026 में टीम की कप्तानी करते हुए उन्होंने एक मैच में चार गोल दागे। उनके इस प्रदर्शन ने काफी सुर्खियां बटोरीं।
हलीचरण नारजारी का भारतीय फुटबॉल में लंबा और अनुभव से भरा करियर रहा है। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 2010 में पाईलान एरोज से की थी। इसके बाद वह डेम्पो एससी का हिस्सा बने। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में उन्होंने एफसी गोवा, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, केरल ब्लास्टर्स, चेन्नैयिन एफसी और बेंगलुरु एफसी जैसे प्रमुख क्लबों का प्रतिनिधित्व किया।
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Article Source: IANS