तीरंदाजी भारत की एक प्राचीन कला है। इसका इस्तेमाल युद्ध में होता था। अब तीरंदाजी वैश्विक स्तर पर एक लोकप्रिय खेल के रूप में प्रतिष्ठित है। मौजूदा समय में भारतीय तीरंदाज भी वैश्विक मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। सत्यदेव प्रसाद का नाम उन तीरंदाजों में लिया जाता हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अन्य तीरंदाजों के लिए रास्ता खोला।

Advertisement

सत्यदेव प्रसाद का जन्म निजामाबाद, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश में 1979 में हुआ था। बहुत कम उम्र में तीरंदाजी की शुरुआत करने वाले सत्यदेव को इस खेल में अपना नाम बनाने और तीरंदाज के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। शुरुआती दिनों में उनके पास न तो कोई अत्याधुनिक उपकरण थे और न ही प्रशिक्षण की व्यवस्था। लेकिन, अभावों ने सत्यदेव के संकल्प को और मजबूत किया और इस खेल में शीर्ष पर जाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने लकड़ी के धनुष और साधारण तीरों से अभ्यास शुरू किया और स्थानीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगे। अपने बेहतर प्रदर्शन की वजह से जल्द ही उन्होंने कोचों और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचा। उन्हें राष्ट्रीय स्तर के कैंप में बुलाया गया। कैंप में न सिर्फ उनकी प्रतिभा को पहचान मिली, बल्कि बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिला। कड़ी मेहनत और बेहतर करने की लगन ने जल्द ही सत्यदेव प्रसाद को राष्ट्रीय टीम का अहम हिस्सा बना दिया।

सत्यदेव प्रसाद ने मलेशिया में आयोजित एशियाई टीम चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था। रोम विश्व चैम्पियनशिप 1999, बीजिंग विश्व चैम्पियनशिप 2001 और न्यूयॉर्क विश्व चैम्पियनशिप 2003 में उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व किया।

उन्होंने लकड़ी के धनुष और साधारण तीरों से अभ्यास शुरू किया और स्थानीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगे। अपने बेहतर प्रदर्शन की वजह से जल्द ही उन्होंने कोचों और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचा। उन्हें राष्ट्रीय स्तर के कैंप में बुलाया गया। कैंप में न सिर्फ उनकी प्रतिभा को पहचान मिली, बल्कि बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिला। कड़ी मेहनत और बेहतर करने की लगन ने जल्द ही सत्यदेव प्रसाद को राष्ट्रीय टीम का अहम हिस्सा बना दिया।

Also Read: LIVE Cricket Score

2018 में सत्यदेव प्रसाद को ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Article Source: IANS

लेखक के बारे में

IANS News
IANS is one of the largest independent private Indian news agency in India. Founded in the year 1986 by Indian American publisher Gopal Raju as the "India Abroad News Service" and later renamed. Their main offices are located in Noida, Uttar Pradesh. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार