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विशाखापट्टनम टेस्ट : रोहित- पुजारा की दमदारी पारी, साउथ अफ्रीका को जीत के लिए मुश्किल लक्ष्य

by Vishal Bhagat Oct 05, 2019 • 18:12 PM

5 अक्टूबर। पहली बार सलामी बल्लेबाज के तौर पर खेल रहे रोहित शर्मा की रिकार्ड पारी के दम पर भारत ने यहां एसीए-वीसीए स्टेडिमय में जारी पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के सामने 395 रनों का मजबूत लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में मेहमान टीम अच्छी शुरुआत नहीं कर सकी। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट खोकर 11 रन बना लिए हैं। खराब रौशनी के कारण हालांकि दिन का खेल समय से पहले खत्म कर दिया गया। एडिन मार्कराम तीन और थेयुनिस डे ब्रयून पांच रन बनाकर खेल रहे हैं।

भारत ने अपनी पहली पारी सात विकेट के नुकसान पर 502 रनों पर घोषित की थी। दक्षिण अफ्रीका ने भी संघर्ष किया और अपनी पहली पारी में 431 रन बनाए। भारत दूसरी पारी में 71 रनों की बढ़त के साथ उतरी थी। दक्षिण अफ्रीका अभी भी लक्ष्य से 384 रन दूर है।

मेहमान टीम ने पहली पारी में शतक लगाने वाले डीन एल्गर (2) के रूप में अपना एक विकेट खोया। वह रवींद्र जडेजा का शिकार बने। जडेजा की अपील पर हालांकि मैदानी अंपायर ने उन्हें नॉट आउट करार दे दिया था, लेकिन भारत ने रिव्यू लिया जो एल्गर के खिलाफ रहा।

मैच का चौथा दिन पूरी तरह से रोहित शर्मा के नाम रहा। रोहित इस मैच में टेस्ट में बतौर सलामी बल्लेबाज पहली बार खेल रहे हैं और वह दोनों पारियों में शतक लगाने में भी सफल रहे। पहली पारी में 176 रन बनाने वाले रोहित ने दूसरी पारी में 127 रनों का योगदान दिया। वह एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक जमाने वाले भारत के छठे बल्लेबाज बने हैं। रोहित को पहली पारी में आउट करने वाले केशव महाराज ने ही इस पारी में भी उनका विकेट लिया। दोनों बार वह स्टम्पिंग हुए। वह टेस्ट की दोनों पारियों में स्टम्पिंग होने वाले पहले भारतीय हैं।

रोहित ने 149 गेंदों का सामना कर 10 चौके और सात छक्के मारे। इसी के साथ रोहित एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा छक्के मारने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने पहली पारी में छह छक्के लगाए थे। भारत ने इस मैच में कुल 27 छक्के लगाए हैं जो एक टेस्ट में किसी भी टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। 2014 में न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 22 छक्के लगाए थे। इससे पहले भारत ने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ मुंबई में टेस्ट मैच में 15 छक्के लगाए थे।

रोहित का चेतेश्वर पुजारा ने बखूबी साथ दिया। पुजारा ने 81 रनों की पारी खेली। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 169 रन जोड़े।

भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। पहली पारी में दोहरा शतक मारने वाले मयंक अग्रवाल (7) को महाराज ने अपना शिकार बनाया। इसके बाद हालांकि पुजारा और रोहित ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की अच्छी खबर ली।

पुजारा पहले सत्र में बेहद धीमा खेले, लेकिन दूसरे सत्र में उन्होंने अच्छी स्ट्राइक रेट से रन बनाए। दूसरे सत्र में दोनों खिलाड़ियों ने भारत का कोई भी विकेट नहीं गिरने दिया। तीसरे सत्र में वार्नोन फिलेंडर की एक गेंद पुजारा के पैड पर लगी और अंपायर ने उंगली उठा पुजारा को पवेलियन भेज दिया। पुजारा ने 148 गेंदें खेलीं और 13 चौकों सहित दो छक्के मारे। पुजारा का विकेट 190 के कुल स्कोर पर गिरा।

पुजारा के जाने के बाद रोहित ने अपना शतक पूरा किया और फिर आक्रामक हो गए। उन्होंने डीन पीएडट द्वारा फेंके गए ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के मारे। अगले ओवर में भी उनकी कोशिश यही थी लेकिन महाराज की गेंद पर वह चूक गए और क्विंटन डी कॉक द्वारा स्टम्प कर दिए गए।

286 के कुल स्कोर पर रवींद्र जडेजा के रूप में भारत ने अपना चौथा विकेट खोया। जडेजा ने 40 रन बनाए। भारत ने फिर 323 के कुल स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। कप्तान विराट कोहली 31 और उप-कप्तान अजिंक्य राहणे 27 रन बनाकर नाबाद लौटे और दक्षिण अफ्रीका को विशाल लक्ष्य मिला।

इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका ने दिन की शुरुआत आठ विकेट के नुकसान पर 385 रनों के साथ की थी। मेहमान टीम के निचले क्रम में भारतीय गेंदबाजों के लिए मुश्किलें पैदा कीं। खासकर 33 रन बनाकर नाबाद लौटने वाले सेनुरान मुथुसामी ने। महाराज (9) को अश्विन ने अपना छठा शिकार बनाया था, लेकिन मुथुसामी ने दूसरे छोर से संघर्ष जारी रखा।

अश्विन ने दूसरे छोर से कागिसो रबाडा (15) के संघर्ष को खत्म कर दक्षिण अफ्रीकी पारी का अंत किया।

मेहमान टीम ने शुरू से लेकर अंत तक विशाल स्कोर के सामने अच्छी प्रतिस्पर्धा दिखाई। उसे पहली पारी में अच्छे स्कोर तक पहुंचाने में एल्गर (160), क्विंटन डी कॉक (111) और कप्तान फाफ डु प्लेसिस (55) का भी अहम योगदान रहा। भारत के लिए अश्विन ने सात विकेट लिए। जडेजा ने दो और ईशांत शर्मा ने एक विकेट हासिल किया।