Asia Cup: 'गिरा हूं तो क्या हुआ, मैं उठ कर फिर चलूंगा, राख से भी मैं आग बनकर फिर निकलूंगा। टूटना मेरी फितरत नहीं, बिखर कर जुड़ना है। अबकी बार आसमान से भी ऊपर उड़ना है।' ये लाइनें भारतीय टीम के बल्लेबाज दीपक हुड्डा पर एकदम फिट बैठती हैं। एक समय पर दीपक ने क्रुणाल पांड्या संग हुए विवाद के बाद अपने क्रिकेट करियर को खत्म मान लिया था। हालांकि, उन्होंने खुद को संभाला, समेटा और जबरदस्त वापसी के बूते भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई।
दीपक हुड्डा का जन्म हरियाणा के रोहतक में 19 अप्रैल, 1995 को हुआ। दीपक को शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था, हालांकि हरियाणा में इस खेल के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। यही कारण रहा कि दीपक हरियाणा को छोड़कर बड़ौदा शिफ्ट हो गए। लगातार दमदार प्रदर्शन के बूते दीपक ने साल 2014 में बड़ौदा की तरफ से घरेलू क्रिकेट में अपना पहला मुकाबला खेला। दीपक पहले ही मैच में अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे और उन्होंने बंगाल के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में शतकीय पारी खेली। इसके साथ ही गेंदबाजी में भी 3 विकेट चटकाए।
दीपक घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से हर किसी को प्रभावित करने में सफल रहे। इरफान और युसूफ पठान ने भी क्रिकेट की दुनिया में पांव जमाने में दीपक की काफी मदद की। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का इनाम दीपक को मिला और उन्हें आईपीएल 2015 के लिए राजस्थान रॉयल्स ने 40 लाख रुपए में खरीदा।