एथलीट के विकास में एक नया वैज्ञानिक आयाम जोड़ने के लिए गुजरात ने राज्यस्तरीय 'स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम' शुरू किया है। इसका मकसद अपने एथलीटों की जेनेटिक, शारीरिक और परफॉर्मेंस से जुड़ी विशेषताओं को समझना है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने स्पोर्ट्स साइंस, एथलीट की पहचान और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग के लिए सबूतों पर आधारित तरीका अपनाया है। गुजरात के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोधवाडिया ने कहा, "मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (जीबीआरसी) यह पहल कर रहा है। इसका मकसद स्पोर्ट्स टैलेंट के लिए एक ज्यादा वैज्ञानिक और सबूतों पर आधारित तरीका बनाने के लिए जीनोमिक्स को स्पोर्ट्स साइंस, शरीर विज्ञान और पोषण के साथ जोड़ना है।
गुजरात भारत का पहला राज्य है जिसने स्पोर्ट जीनोमिक्स प्रोग्राम शुरू किया है। जीबीआरसी में हमारे वैज्ञानिकों ने अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेने वाले एथलीटों से सैंपल इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। सैंपल का पहला बैच गुजरात स्टेट टेनिस एसोसिएशन (जीएसटीए) के टेनिस खिलाड़ियों से इकट्ठा किया गया है। इस प्रोग्राम के तहत सैंपल का अगला बैच 'विजयी भारत फाउंडेशन' के तीरंदाजी, फेंसिंग, जूडो और शूटिंग के एथलीटों से इकट्ठा किया जाएगा। इस मकसद के लिए इस साल कुल 2,000 सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे।"