कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पेनल्टी कॉर्नर से किए गए गोल ने मैच का पासा भारत के पक्ष में पलट दिया। अपने 150वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे अभिषेक ने दो गोल दागे, जबकि विष्णु कांत ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास से एक गोल किया। इन बेहतरीन प्रदर्शनों की बदौलत भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले में जापान को 4-1 से हराया।
इस जीत के साथ ही पिछले एक दशक में पंजाब में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट में भारत ने अपने तीनों मैच जीत लिए हैं और डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अभिषेक (11', 51' मिनट) ने दो गोल किए, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह (47' मिनट) और विष्णु कांत सिंह (56'मिनट) ने भी गोल दागे। जापान के लिए शोता यामादा (15वें मिनट) ने पेनल्टी स्ट्रोक से गोल किया। यह अभिषेक का 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच था, जिसे उन्होंने अपने दो गोलों की बदौलत 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीतकर और भी खास बना दिया।
इससे पहले, भारत ने अपनी टीम में दो बड़े बदलाव किए। विष्णु कांत और अंगद बीर सिंह को मौका दिया गया, जबकि मनदीप सिंह और नीलाकांता शर्मा को आराम दिया गया। जापान ने मैच की शुरुआत 'हाई प्रेस' के साथ की और शुरुआती पलों में बेहतर खेल दिखाया, जिसके चलते उन्हें दूसरे मिनट में ही एक पेनल्टी-कॉर्नर मिल गया। हालांकि, उनकी रणनीतियां गोल में तब्दील नहीं हो सकीं।