केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित करने के लिए खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी है। लुधियाना के साइकिल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों ने इसकी सराहना की है।
यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डी. एस. चावला ने आईएएनएस से कहा, "भारत सरकार को समझ में आ गया है कि खेलों को बढ़ावा देने का मतलब है युवाओं को सेहतमंद करना। अगर युवा स्वस्थ रहेंगे, तभी वे देश की तरक्की में अपना योगदान दे सकेंगे। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट का खेलों के क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा।"
उन्होंने कहा, "बच्चा अगर मोबाइल पर गेम खेलता है, तो उसका शारीरिक विकास नहीं होता है। शारीरिक विकास खेल से ही होगा। शारीरिक खेल से दिमाग का भी विकास होता है और बच्चे हर क्षेत्र में आगे जाते हैं।"