भारत के पैरालंपिक चैंपियन और कई बार गोल्ड मेडल जीत चुके पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी नितेश कुमार ने इस खेल में लगभग हर बड़ा मेडल जीता है। हाल ही में उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में मेंस सिंगल्स एसएल3 कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता और थुलसिमथी मुरुगेसन के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स एसएल3-एसयू5 इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया।
वह सिंगल्स इवेंट में मौजूदा पैरालंपिक चैंपियन भी हैं। पिछली बार पेरिस में उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन के डैनियल बेथेल को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा, नितेश ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी चार मेडल जीते हैं - दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज। इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने के बाद भी नितेश में आगे बढ़ने का जज्बा कायम है। उनका कहना है कि खेल के प्रति उनका प्यार और भारत के लिए और अधिक गोल्ड मेडल जीतने की चाहत ही उन्हें लगातार प्रेरित करती रहती है।
नितेश कुमार ने 'आईएएनएस' से खास बातचीत में कहा, "मुझे लगता है कि यह खेल के प्रति मेरे प्यार की वजह से है। जो मैं कर रहा हूं, उसे करने में मजा आता है। मुझे पता होता है कि मैं कब इस खेल का आनंद ले रहा हूं और कब अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा हूं। मैं हर टूर्नामेंट में जाकर अपना बेस्ट देना चाहता हूं। मेरा लक्ष्य सिर्फ मेडल जीतना नहीं है, बल्कि लगातार आगे बढ़ना और बेहतर होना है। इसी कारण मैं हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं। अगर मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता हूं, तो मुझमें गोल्ड मेडल जीतने की पूरी क्षमता है। हां, जब मैं गोल्ड मेडल जीतता हूं और भारत के मेडल टैली में एक और गोल्ड मेडल जुड़ता है, तो मुझे बहुत खुशी होती है। यही बात मुझे हर टूर्नामेंट में प्रेरित करती रहती है।"