एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में देश के लिए पहला मेडल जीता। जय की इस सफलता के बाद से ही यह खेल चर्चा का विषय बन गया। सॉफ्ट टेनिस का गेम टेनिस से ही मिलता-जुलता है, लेकिन इसके नियमों और गेंद में अंतर देखने को मिलता है। आइए आपको बताते हैं सॉफ्ट टेनिस खेल की उत्पति कहां से हुई और कैसे हुआ इस गेम का विकास।
सॉफ्ट टेनिस जैसा की नाम से प्रतीत होता है कि यह खेल पारंपरिक टेनिस से ही उत्पन्न हुआ है। साल 1884 में इस खेल की उत्पति जापान में हुई। 19वीं शताब्दी के आखिर में एक पश्चिमी मिशनरी के माध्यम से टेनिस के खेल को जापान लेकर आया गया। इसके बाद जापान के लोगों ने इसे अपने अनुकूल बनाने के लिए पारंपरिक टेनिस के खेल में बदलाव किए और इसे सॉफ्ट टेनिस का नाम दिया गया। जापानी लोगों ने टेनिस में इस्तेमाल होने वाली कठोर गेंद की जगह एक नरम, हल्की हवा भरी रबर वाली गेंद और हल्के रैकेट का उपयोग करना शुरू किया।
साल 1955 में जापान, साउथ कोरिया और ताइवान ने मिलकर एशियई सॉफ्ट टेनिस महासंघ की स्थापना की। यह संघ इन तीनों देशों के बीच 1956 से 1973 के बीच हुई एशियाई चैंपियशिप के लिए जिम्मेदार रही। 1972 में संयुक्त राज्य अमेरिका के हवाई में सॉफ्ट टेनिस फेडरेशन की स्थापना की गई। जल्द ही सॉफ्ट टेनिस का खेल हवाई में लोकप्रिय बन गया और राज्य स्तरीय टूर्नामेंट का आयोजन किया जाने लगा। इसके बाद ब्राजील, वेनेजुएला और हांगकांग ने भी इस खेल को लेकर संगठन बनाया। 1973 में इंटरनेशनल सॉफ्ट टेनिस महासंघ की स्थापना की गई। 1975 में विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप का पहली बार आयोजन हवाई में किया गया। 1977 में दूसरी विश्व चैंपियनशिप और 1979 में तीसरी चैंपियनशिप का आयोजन साउथ कोरिया में हुआ।