केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित 'वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ एंटी-डोपिंग साइंटिस्ट्स' (डब्ल्यूएएडीएस) की 10वीं 'क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजर मीटिंग 2026' में 'नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी' (एनडीटीएल) की 'एक्स्ट्रा-म्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी' लॉन्च की।
2 नवंबर से शुरू हुई यह दो दिवसीय बैठक एनडीटीएल की तरफ से आयोजित की गई थी, जिसमें खेल और वैज्ञानिक जगत के अंतरराष्ट्रीय हितधारक शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डॉ. मांडविया ने इस बैठक में एनडीटीएल न्यूजलेटर के लॉन्च का भी शुभारंभ किया।
केंद्रीय खेल मंत्री ने डोपिंग के प्रति भारत की 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) नीति के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "दोस्तों, डोपिंग के मामले में भारत की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि हर जीत प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर हासिल की जाए। पिछले दो वर्षों में, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, खेलों को राष्ट्र-निर्माण के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में मान्यता मिली है। भारत की खेल यात्रा अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है।"