तन्वी पत्री ने 'यूथ ओलंपिक गेम्स' के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है। बुधवार को डकार में खेले गए विमेंस सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में तीसरी वरीयता प्राप्त तन्वी सातवीं वरीयता प्राप्त थाईलैंड की काकानिक कुंगकाव को 21-17, 21-13 से शिकस्त देकर यूथ ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बनीं।
39 मिनट तक चले इस मुकाबले में जीत के बाद अब तन्वी को मेडल सुनिश्चित करने के लिए एक और मैच जीतना होगा। इससे पहले सिर्फ तीन भारतीय शटलर ही यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन के सेमीफाइनल तक पहुंच पाए हैं।
साल 2010 में सिंगापुर में हुए पहले यूथ ओलंपिक में एचएस प्रणॉय ने रजत पदक जीता था, जबकि 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए खेलों में लक्ष्य सेन उपविजेता रहे थे। साल 2014 में आदित्य जोशी लड़कों के सिंगल्स वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें कोई पदक नहीं मिल सका था।