Arjuna award
फवाद मिर्जा को विरासत में मिली घुड़सवारी, एशियाई खेलों में खत्म किया पदक का सूखा
फवाद का जन्म कर्नाटक के बेंगलुरु में 6 मार्च 1992 को हुआ था। फवाद के पिता डॉ हसनिन घुड़सवार पशु चिकित्सक थे। यही कारण था कि फवाद बचपन से ही घोड़ों के आसपास रहे और उनका लगाव बढ़ता चला गया। फवाद ने न्यूजीलैंड के 7 बार ओलंपियन मार्क टॉड को अपना आदर्श माना और जल्द ही फवाद ने घुड़सवारी के खेल में ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया।
फवाद ने घुड़सवारी की ट्रेनिंग जर्मनी में ली और इस खेल में धीरे-धीरे महारत हासिल करते चले गए। जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में फवाद का प्रदर्शन लाजवाब रहा। उन्होंने घुड़सवारी के खेल में लंबा सूखा खत्म करते हुए देश को रजत पदक दिलाया।
Related Cricket News on Arjuna award
-
'अर्जुन पुरस्कार ने मुझे बहुत बड़ा प्रोत्साहन दिया है': पवन सहरावत
The Arjuna Award: चेन्नई, 23 दिसंबर (आईएएनएस) तेलुगू टाइटंस ने शुक्रवार को चेन्नई में 37-36 से रोमांचक जीत हासिल कर प्रो कबड्डी लीग सीजन 10 में अपनी पहली जीत दर्ज की। सुपर 10 दर्ज करने ...
Cricket Special Today
-
- 31 Mar 2026 02:55
-
- 26 Mar 2026 10:04