भारतीय तेज गेंदबाज श्रीसंत ने खुलासा किया है कि उनके करियर में स्पॉट फिक्सिंग के दौरान उनका मानसिक स्वास्थ्य कैसे प्रभावित हुआ था। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने इस अनुभव की तुलना मौत से की है। वहीं श्रीसंत ने बातों-बातों में एक बार फिर इस कांड से जुड़े 13 मुख्य आरोपियों का जिक्र किया है जिनका नाम वह नहीं लेना चाहते हैं।

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एक जाने माने वेब पोर्टल से बातचीत के दौरान श्रीसंत ने कहा, 'किसी पर भी आरोप लगाना बहुत बुरा है। इस पूरे प्रकरण में 13 अन्य नाम सुप्रीम कोर्ट में हैं। मैं केवल इतना कह सकता हूं, मैं, मेरा परिवार और मेरे प्रियजन सबसे कठिन दौर से गुजरे हैं। ये अनुभव मौत के बराबर था। मेरे और मेरे दोस्तों के साथ ऐसा हुआ इसलिए मैं 13 आरोपियों का नाम नहीं ले सकता। जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि वो 13 लोग कौन थे मैं एक भी नाम नहीं लूंगा।'

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मालूम हो कि 2017 में किए गए अपने ट्वीट में भी श्रीसंत ने आरोप लगाया था कि इस कांड से जुड़े मुख्य आरोपियों को बचाया गया है जिनका तालुक्क चैन्नई सुपर किंग्स के भी खिलाड़ियों से था। श्रीसंत ने कहा था, 'यह अब तक का सबसे खराब फैसला है..मेरे लिए विशेष नियम? असली दोषियों के बारे में क्या? चेन्नई सुपर किंग्स के बारे में क्या? और राजस्थान का क्या?'

श्रीसंत ने लिखा, 'लोढ़ा रिपोर्ट में आरोपी 13 नामों का क्या?? कोई इसके बारे में जानना नहीं चाहता कि वो 13 नाम कौन से हैं?' बता दें कि 2013 के स्पॉट फिक्सिंग कांड में श्रीसंत के अलावा अंकित चव्हाण और अजित चंदेला का नाम भी सामने आया था। ये तीनों खिलाड़ी राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा थे। इन तीनों ही खिलाड़ियों को इस कांड के बाद बैन झेलना पड़ा था।

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Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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