दांबुला में 15 जून को खेले गए इंडिया ए और श्रीलंका ए के मुकाबले के बाद मैदान पर हुई गर्मागर्म बहस का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। सोमवार (15 जून) को ट्राई सीरीज के इस मैच में भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के खिलाड़ियों के बीच हुई झड़प पर श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने कार्रवाई की है।
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश ने इस मामले में कुछ खिलाड़ियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। इनमें सबसे प्रमुख नाम श्रीलंका के बल्लेबाजी ऑलराउंडर विशेन हलमबेज का बताया जा रहा है। हालांकि उन पर किस नियम के तहत कार्रवाई की गई है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला पर भी जुर्माना लगाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि मैदान पर हुए विवाद के दौरान डिकवेला माहौल शांत कराने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में माना जा रहा है कि उन पर लगाया गया जुर्माना किसी दूसरे मामले से जुड़ा है और इसका वैभव सूर्यवंशी वाले विवाद से कोई संबंध नहीं है।
विवाद की शुरुआत सुपर ओवर के बाद हुई थी। मैच टाई रहने के बाद सुपर ओवर खेला गया, जिसमें भारत ए को जीत के लिए आखिरी तीन गेंदों पर 14 रन चाहिए थे। वैभव सूर्यवंशी स्ट्राइक पर थे, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इसके बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने जश्न मनाते हुए कुछ टिप्पणियां कीं, जिससे माहौल गर्म हो गया।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 21 वर्षीय विशेन हलमबेज मैच के दौरान लगातार वैभव सूर्यवंशी को उनकी आईपीएल 2026 की परफॉर्मेंस को लेकर स्लेज कर रहे थे। गौरतलब है कि वैभव (776 रन) आईपीएल 2026 के सबसे रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे।
मैच खत्म होने के बाद पहले तो वैभव और सूर्यांश शेडगे ने स्थिति को नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन बाद में बहस बढ़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सूर्यांश शेडगे श्रीलंकाई खिलाड़ियों की ओर मुड़े और इसी दौरान वैभव भी विवाद में शामिल हो गए। इसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि इस घटना में शामिल होने के कारण वैभव सूर्यवंशी पर भी कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं। वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अभी तक वैभव के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है।
Also Read: LIVE Cricket Score
आपको बता दें यह मामला आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए इसकी जांच और सजा से जुड़ा पूरा फैसला श्रीलंका क्रिकेट के हाथ में है।