बीसीसीआई प्रेसिडेंड के पद से सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की छुट्टी हो गई है। सौरव गांगुली ने आखिरकार इस खबर पर चुप्पी तोड़ी है। सौरव गांगुली का बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में दूसरा कार्यकाल नहीं होगा, और अब भारत के पूर्व क्रिकेटर रोजर बिन्नी उन्हें रिप्लेस करेंगे। सौरव गांगुली 2019 में बीसीसीआई के अध्यक्ष बने थे।

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एक इवेंट में बोलते हुए सौरव गांगुली ने कहा, 'मैं 5 साल तक बंगाल क्रिकेट संघ का अध्यक्ष रहा। मैं सालों से बीसीसीआई का अध्यक्ष हूं। आपको हर चीज को छोड़ना और जाना होता है। एक प्रशासक के तौर पर आपको काफी योगदान देना होता है और टीम के लिए चीजों को बेहतर बनाना होता है। एक खिलाड़ी होने के नाते, जो लंबे समय से इससके आसपास था, इन चीजों को समझ सकता हूं।'

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सौरव गांगुली ने आगे कहा, 'मैंने एक प्रशासक के रूप में अपने समय का भरपूर आनंद लिया। आप हमेशा के लिए नहीं खेल सकते हैं और आप हमेशा के लिए प्रशासन में नहीं रह सकते हैं। आप जीवन में जो कुछ भी करें। मैं सभी को बताता हूं कि सबसे अच्छे दिन तब थे जब आप देश के लिए खेलते थे। मैंने उसके बाद बहुत कुछ देखा है। मैं CAB (क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल) का अध्यक्ष रहा हूं, मैं BCCI का अध्यक्ष था, मैं भविष्य में और बड़े काम करता रहूंगा। लेकिन वो 15 साल मेरे जीवन के सबसे अच्छे दिन थे।'

खबरों की मानें तो दिल्ली में एक बड़ी मीटिंग हुई थी। जिसमें अमित शाह भी मौजूद थे। वहां एन श्रीनिवासन ने सौरव गांगुली के कार्यकाल पर सवाल उठाए थे। कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट की बात सामने आई मतलब टीम इंडिया की स्पॉन्सर कोई और कंपनी है और दादा किसी और कंपनी का प्रचार कर रहे थे। ऐसे तमाम मुद्दों पर बात हुई फिर गांगुली का पत्ता काटा गया।

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लेखक के बारे में

Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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