नई दिल्ली, 30 जुलाई| भारत के पूर्व कप्तान और महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर मानते हैं कि सौरव गांगुली अपने समय में भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक रहे हैं क्योंकि विपक्षी टीम चाहें कितनी भी मजबूत क्यों न हो, सौरव ने कभी भी कदम पीछे नहीं हटाए। 

Advertisement

यह पूछे जाने पर कि क्या वीरेंद्र सहवाग अपने समय के महानतम बल्लेबाज हैं? गावस्कर ने कहा, "इस सदी की शुरुआत से ही भारत के पास कई दिग्गज बल्लेबाज रहे हैं। इनमें सौरव गांगुली का नाम सबसे ऊपर रखना चाहूंगा क्योंकि विपक्षी टीम चाहें कितनी भी मजबूत क्यों न हो, सौरव ने कभी कदम पीछे नहीं हटाए। सौरव की कप्तानी और उनकी बल्लेबाजी का चरम भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए महान दिन थे। इसके अलावा एक खिलाड़ी के तौर पर अनिल कुम्बले को नहीं भूलना चाहिए और वह ऐसा समय था, जब महेंद्र सिंह धोनी एक खिलाड़ी के तौर पर उभर रहे थे।"

Advertisement

यह पूछे जाने पर कि क्या आज के खिलाड़ी उस वैक्यूम का फायदा उठा रहे हैं, जो बोर्ड और कमजोर सीओए के कारण पैदा हुआ है। गावस्कर ने कहा, "इससे दूसरे क्रिकेट बोर्डस को फायदा हो रहा है। जगमोहन डालमिया से पहले का बीसीसीआई कमजोर था। उस समय इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया का दबदबा था। इसके बाद बीसीसीआई मजबूत हुआ और नतीजा हुआ कि उसकी आवाज सुनी जाने लगी। शरद पवार और एन. श्रीनिवासन ने उसे और मजबूत किया लेकिन अब भारतीय क्रिकेट कमजोर हुक्मरानों की दया पर निर्भर है।"

गावस्कर विश्व कप के दौरान और उसके बाद चयन समिति की भूमिका को लेकर काफी नाराज हैं। गावस्कर के मुताबिक एमएसके प्रसाद के नेतृत्व वाली चयन समिति कड़े और अहम फैसले नहीं ले पा रही है। गावस्कर को इस बात का गुस्सा है कि वेस्टइंडीज दौरे के लिए कप्तान का चयन बिना किसी बैठक के हो गया। 

गावस्कर ने कहा, "इससे यही सवाल उठता है कि या तो चयन समिति कप्तान कोहली के इशारे पर काम कर रही है या फिर चयन समिति कप्तान को खुश करने के लिए काम कर रही है।"

गावस्कर ने आगे कहा, "भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने विश्व कप सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद भी विराट कोहली को स्वाभाविक तौर पर कप्तान बनाए रखे जाने के फैसला पर सवाल खड़े किए हैं। गावस्कर मानते हैं कि कोहली को दोबारा कप्तानी सौंपे जाने से पहले आधिकारिक बैठक होनी चाहिए थी।

Advertisement

गावस्कर ने आगे कहा, "अगर उन्होंने (चयनकर्ता) वेस्टइंडीज दौरे के लिए कप्तान का चयन बिना किसी मीटिंग के लिए कर लिया तो यह सवाल उठता है कि क्या कोहली अपनी बदौलत टीम के कप्तान हैं या फिर चयन समिति की खुशी के कारण हैं। हमारी जानकारी के मुताबिक उनकी (कोहली) नियुक्ति विश्व कप तक के लिए ही थी। इसके बाद चयनकर्ताओं को इस मसले पर मीटिंग बुलानी चाहिए थी। यह अलग बात है कि यह मीटिंग पांच मिनट ही चलती लेकिन ऐसा होना चाहिए था।"

एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली अखिल भारतीय चयन समिति ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए कोहली को तीनो फॉरमेट का कप्तान नियुक्त किया है। इस सीरीज की शुरुआत फ्लोरिडा में होने वाले टी-20 मुकाबलों से होगी।

गावस्कर ने कहा, "चयन समिति में बैठे लोग कठपुतली हैं। पुनर्नियुक्ति के बाद कोहली को मीटिंग में टीम को लेकर अपने विचार रखने के लिए बुलाया गया। प्रक्रिया को बाईपास करने से यह संदेश गया कि केदार जाधव, दिनेश कार्तिक को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर किया गया जबकि विश्व कप के दौरान और उससे पहले कप्तान ने इन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा जताया था और नतीजा हुआ था कि टीम फाइनल में भी नहीं पहुंच सकी।"

Advertisement

बीसीसीआई के एक तबके का यह मानना था कि 2023 विश्व कप के ध्यान में रखते हुए तीनों फॉरमेट के लिए अलग-अलग कप्तान बनाया जाना एक अच्छा कदम हो सकता था और इससे आने वाले समय में टीम को फायदा होता।

अपने करियर के सबसे निराशाजनक पल और अपनी सबसे अच्छी टेस्ट पारी के बारे में पूछे जाने पर गावस्कर ने कहा, "भारत जब भी हारा है, मेरे करियर का निराशाजनक पल रहा है। खासतौर पर जब हम ऐसे मैचों में हारे हैं, जिन्हें हम जीत सकते थे तो मुझे अधिक निराशा हुई है। अगर टीम हार जाती है तो व्यक्तिगत प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं रह जाता है। जहां तक मेरी श्रेष्ठ पारी का सवाल है तो 1971 में मैनचेस्ट में खेली गई 57 रनों की पारी मेरी श्रेष्ठ है। यह पारी उस विकेट पर खेली गई थी, जहां काफी तेज हवा बह रही थी और अंधविश्वास के कारण मैं जम्पर पहनने की स्थिति में नही था।"

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें आईपीएल में खेलना पसंद होता और क्या कभी कैरी पेकर ने डब्ल्यूएससी के लिए उन्हें सम्पर्क किया था? गावस्कर ने कहा, "हां आईपीएल में खेलकर मुझे खुशी होती। 20 ओवर फील्डिंग करना कितना अच्छा है। जहां तक वर्ल्ड सीरीज की बात है तो हां पैकर ने मुझे इसके लिए निमंत्रण दिया था। उस समय तीसरा सीजन चल रहा था लेकिन मैंने देश के लिए खेलना चुना था।"
 

Advertisement

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार