भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने खुलासा किया है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का फाइनल बेंगलुरु से बाहर ले जाने का फैसला कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) की तरफ से तय कोटे से कहीं ज्यादा मुफ्त टिकटों की मांग के कारण लेना पड़ा।

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परंपरा के अनुसार, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के आईपीएल 2025 का खिताब जीतने के बाद बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम को क्वालीफायर 2 और फाइनल की मेजबानी करनी थी, लेकिन बीसीसीआई ने बुधवार को ऐलान किया कि इसके बजाय अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम 31 मई को फाइनल की मेजबानी करेगा।

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धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में 26 मई को क्लीफायर-1 खेला जाएगा, जबकि न्यू चंडीगढ़ का नया पीसीए स्टेडियम 27 मई को एलिमिनेटर और 29 मई को क्वालीफायर-2 की मेजबानी करेगा।

सैकिया ने गुरुवार को कहा, "आईपीएल प्रोटोकॉल के अनुसार, सभी राज्य संघों को उनकी कुल क्षमता का 15 प्रतिशत हिस्सा कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों के रूप में मिलता है, लेकिन हमें अलग-अलग सूत्रों से पता चला है कि आईपीएल लीग मुकाबलों की मेजबानी के दौरान, कर्नाटक राज्य संघ 15 प्रतिशत से कहीं ज्यादा कॉम्प्लिमेंट्री टिकट ले रहा है। इसलिए, हमने उन्हें एक ई-मेल भेजा, जिसमें सटीक जानकारी देने का अनुरोध किया गया था, और यह भी पूछा गया था कि उनकी जरूरतें क्या होंगी।"

उन्होंने कहा, "हमने 1 मई को अपने ई-मेल में साफतौर पर कहा था कि ‘आप कुल क्षमता के 15 प्रतिशत टिकट कॉम्प्लिमेंट्री के तौर पर पाने के हकदार हैं, इससे ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता, और शेष टिकट आम जनता के लिए ऑनलाइन बेची जानी चाहिए। यह माननीय सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश है, क्योंकि टिकटों का एक निश्चित प्रतिशत आम जनता के लिए होना चाहिए, ताकि उन्हें टिकट खरीदने और आईपीएल/बीसीसीआई के अन्य मैच देखने का पूरा मौका मिल सके।"

हालांकि, केएससीए ने कहा कि वे उस जगह पर मुकाबलों की मेजबानी को तैयार थे, जहां इस साल आरसीबी के 5 लीग खेले गए थे। बीसीसीआई ने बगैर किसी औपचारिक बातचीत के ही यह फैसला ले लिया, लेकिन सैकिया ने बताया कि विधायकों और एमएलसी को टिकट देने की मांग का मतलब था कि गवर्निंग बॉडी अपने तय दायरे से बाहर जाकर टिकटों की मांग कर रही थी। इस वजह से अहमदाबाद को 5 सीजन में चौथी बार आईपीएल फाइनल की मेजबानी का मौका मिल गया।

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उन्होंने कहा, "हालांकि, 2 मई को हमें केएससीए की तरफ से एक ई-मेल मिला, जिसे देखकर हम हैरानी हुई। ई-मेल में कहा गया था कि 15 प्रतिशत टिकट और उस कोटे के तहत मिलने वाले कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों के अलावा, उन्हें अपने सदस्यों, क्लबों और अन्य विभिन्न श्रेणियों के लिए भी बड़ी संख्या में टिकट चाहिए। इसके बाद उनके लाइफ मेंबर्स के लिए भी टिकट मांगे गए। सबसे हैरानी की बात यह थी कि हमें उनके स्थानीय विधायकों और एमएलसी के लिए 900 टिकट, और कर्नाटक सरकार के लिए भी 700 कॉम्प्लिमेंट्री टिकट देने थे।"

हालांकि, केएससीए ने कहा कि वे उस जगह पर मुकाबलों की मेजबानी को तैयार थे, जहां इस साल आरसीबी के 5 लीग खेले गए थे। बीसीसीआई ने बगैर किसी औपचारिक बातचीत के ही यह फैसला ले लिया, लेकिन सैकिया ने बताया कि विधायकों और एमएलसी को टिकट देने की मांग का मतलब था कि गवर्निंग बॉडी अपने तय दायरे से बाहर जाकर टिकटों की मांग कर रही थी। इस वजह से अहमदाबाद को 5 सीजन में चौथी बार आईपीएल फाइनल की मेजबानी का मौका मिल गया।

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उन्होंने कहा, "सभी लीग मुकाबलों की जिम्मेदारी फ्रेंचाइजी और राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की होती है, क्योंकि वही इन मैचों का आयोजन करते हैं। प्लेऑफ के लिए, मेजबानी की जिम्मेदारी बीसीसीआई की होती है, इसलिए हम आईपीएल के नियमों और कायदों के तहत तय सीमा से ज्यादा टिकट जारी करके अपने प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं कर सकते, खासतौर पर, मेजबान राज्य के लिए तय 15 प्रतिशत कॉम्प्लिमेंट्री कोटे से ज्यादा टिकट जारी नहीं कर सकते। नतीजतन, हमें कर्नाटक, यानी बेंगलुरु से मुकाबलों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का मुश्किल फैसला लेना पड़ा, और बीसीसीआई के नजरिए से, अहमदाबाद सबसे सही जगह है। फाइनल मैच देखने के लिए आम लोगों और दुनियाभर के दर्शकों की तरफ से टिकटों की जबरदस्त मांग है, क्योंकि वह एक बहुत बड़ा स्टेडियम है। इसी वजह से, हम फाइनल मैच की मेजबानी वहीं करेंगे।"

Article Source: IANS
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