भारतीय टीम के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। रहाणे ने अपने करियर में यूं तो कई बड़े मुकाम हासिल किए, लेकिन आइए उनके करियर से जुड़ी आपको पांच सबसे बड़ी उपलब्धियों के बारे में बताते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 147 रनों की यादगार पारी: साल 2014 में मेलबर्न क्रिकेट गाउंड में ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ तेज गेंदबाजों का सामना करते हुए अजिंक्य रहाणे ने 147 रनों की शानदार पारी खेली थी। मिचेल जॉनसन, रयान हैरिस, जोश हेजलवुड और शेन वॉटसन जैसे गेंदबाजों के सामने रहाणे ने डटकर सामना किया था और यादगार शतकीय पारी खेली थी। रहाणे ने विराट कोहली संग मिलकर 262 रनों की साझेदारी निभाई थी, जिसके दम पर भारतीय टीम इस मुकाबले को ड्रॉ कराने में सफल रही थी।
लॉर्ड्स की यादगार पारी: इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर लहराती हुई गेंदों के खिलाफ रहाणे ने शतकीय पारी खेली थी। रहाणे की यह पारी उस समय आई थी जब भारतीय टीम 145 के स्कोर पर ही 7 विकेट गंवाकर मुश्किल में नजर आ रही थी। हालांकि, रहाणे ने एक छोर संभालकर खड़े रहे और उन्होंने 154 गेंदों में 103 रनों की शानदार पारी खेलते हुए भारतीय टीम को 295 के टोटल तक पहुंचाया था। भारतीय टीम इस टेस्ट मैच को 95 रनों से अपने नाम करने में सफल रहा था। रहाणे की यादगार पारी के बूते भारत ने लॉर्ड्स के मैदान पर 28 साल बाद जीत दर्ज की थी।
मेलबर्न की ऐतिहासिक जीत: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में 36 रनों पर ऑलआउट होने और शर्मनाक हार झेलने के बाद भारतीय टीम का मनोबल पूरी तरह से टूटा हुआ था। नियमित कप्तान विराट कोहली इस हार के बाद अपने बच्चे के जन्म की वजह से स्वदेश लौट गए थे। सीरीज के बाकी मैचों के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी अजिंक्य रहाणे के हाथों में थी। मेलबर्न के मैदान पर सीरीज के दूसरे टेस्ट में रहाणे ने न सिर्फ बेहतरीन कप्तानी की थी, जबकि बल्ले से भी 112 रनों की शानदार पारी खेलकर भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
एडिलेड की शर्मनाक हार के बाद रहाणे ने टीम को जिस तरह से एकजुट करते हुए मेलबर्न में जीत दर्ज की थी उसकी तारीफ हर तरफ हुई थी। रहाणे की कप्तानी इस पूरी सीरीज में बेहद प्रभावशाली रही थी और भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया था। यह सीरीज भारत की सबसे ऐतिहासिक जीतों में से एक मानी जाती है।
मेलबर्न की ऐतिहासिक जीत: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में 36 रनों पर ऑलआउट होने और शर्मनाक हार झेलने के बाद भारतीय टीम का मनोबल पूरी तरह से टूटा हुआ था। नियमित कप्तान विराट कोहली इस हार के बाद अपने बच्चे के जन्म की वजह से स्वदेश लौट गए थे। सीरीज के बाकी मैचों के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी अजिंक्य रहाणे के हाथों में थी। मेलबर्न के मैदान पर सीरीज के दूसरे टेस्ट में रहाणे ने न सिर्फ बेहतरीन कप्तानी की थी, जबकि बल्ले से भी 112 रनों की शानदार पारी खेलकर भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
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कप्तानी में नहीं हारे कोई टेस्ट: बतौर कप्तान अजिंक्य रहाणे का रिकॉर्ड जबरदस्त रहा। उन्होंने भारतीय टीम की टेस्ट में छह मुकाबलों में कप्तानी की। इनमें से 4 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम ने एक भी मैच में हार का सामना नहीं किया।