ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराते हुए महिला टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया को रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी दिलाने में बेथ मूनी का रोल बेहद अहम रहा। पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन के लिए मूनी को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया।
फाइनल मुकाबले में भी मूनी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों पर 64 रनों की शानदार पारी खेली, जिसके चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। ऑस्ट्रेलिया के चैंपियन बनने के बाद मूनी ने टीम के प्रदर्शन की तारीफ की। ऑस्ट्रेलियाई टीम की सलामी बल्लेबाज ने कहा, "यहां पहुंचकर बहुत खुश हूं। पिछले दो आईसीसी टूर्नामेंट हमारे लिए अच्छे नहीं रहे थे। इसलिए सुबह जब मैं उठी तो सबसे पहले यही महसूस हुआ कि हम फाइनल तक पहुंचे हैं, इसके लिए भी हमें शुक्रगुजार होना चाहिए।"
मूनी ने सिर्फ बल्ले से ही नहीं बल्कि विकेटकीपिंग में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इंग्लैंड की ओपनर डैनी व्याट-हॉज को स्टंप आउट किया। उन्होंने कहा कि विकेटकीपिंग में आत्मविश्वास वापस पाने में ऑस्ट्रेलियाई कोचिंग स्टाफ ने उनकी काफी मदद की।
उन्होंने कहा, "टूर्नामेंट की शुरुआत में मैं पूरी तरह सहज नहीं थी, लेकिन हमारे कोचिंग स्टाफ ने लगातार मेरा साथ दिया। डैन काइली, शेल, सीन मैकलियोड और बाकी सभी ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया। उनकी मदद से मैं विकेट के पीछे बेहतर प्रदर्शन कर सकी।"
मूनी ने बताया कि गेंदबाजों के लिए स्टंप्स के पास खड़े होने का फैसला पहले से बनाई गई रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि विकेटकीपर और गेंदबाज लगातार आपस में बातचीत करते रहते हैं ताकि टीम को फायदा मिल सके। उन्होंने कहा, "मैं गेंदबाजों की योजना के अनुसार काम करती हूं। हम लगातार बात करते हैं और जो रणनीति बनती है, उसे लागू करने की कोशिश करते हैं। अगर कहीं कोई गलती होती भी है तो पूरी टीम मिलकर उसे संभाल लेती है।"
उन्होंने कहा, "टूर्नामेंट की शुरुआत में मैं पूरी तरह सहज नहीं थी, लेकिन हमारे कोचिंग स्टाफ ने लगातार मेरा साथ दिया। डैन काइली, शेल, सीन मैकलियोड और बाकी सभी ने मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया। उनकी मदद से मैं विकेट के पीछे बेहतर प्रदर्शन कर सकी।"
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इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 वर्ल्ड कप में अपना दबदबा एक बार फिर साबित कर दिया। रिकॉर्ड सातवां खिताब जीतकर टीम ने इतिहास रचा, जबकि बेथ मूनी ने बल्ले और विकेटकीपिंग दोनों में शानदार प्रदर्शन कर इस जीत को यादगार बनाया। मूनी ने टूर्नामेंट में खेली कुल 7 पारियों में 142 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 238 रन बनाए। फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 150 रन स्कोरबोर्ड पर लगाए। हालांकि, 151 रनों के लक्ष्य को इंग्लैंड ने सिर्फ 3 विकेट खोकर 17.1 ओवर में हासिल कर लिया।