बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर हर्ष दुबे को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और 3 वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में पहली बार चुना गया है। दुबे ने इसे अपने सपने के सच होने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की तरफ से आया पहला बुलावा भारत के लिए खेलने के सपने को पूरा करने की दिशा में एक कदम की तरह है।
आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) का हिस्सा रहे हर्ष दुबे सीजन में अपनी टीम का सफर समाप्त होने के बाद नागपुर पहुंचने पर आईएएनएस खास बातचीत में कहा कि देश का हर क्रिकेटर भारतीय टीम के लिए खेलने और अच्छा प्रदर्शन करने का सपना देखता है।
भारतीय टीम के लिए चुने जाने के समय वे कैसा महसूस कर रहे थे? इस सवाल में दुबे ने कहा, "पहले पांच मिनट तक तो मुझे समझ ही नहीं आया कि मेरा नाम चुन लिया गया है। मुझे लगा कि मैं अभी भी सपना देख रहा हूं। इस बात को पूरी तरह से समझने में मुझे थोड़ा समय लगा।"
विदर्भ के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले दुबे रणजी सीजन 2024-25 में अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेकर चर्चा में आए थे।
खुद को एक ऑलराउंडर मानने वाले दुबे ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में भी वह अपनी तैयारियों में कोई खास बदलाव नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा कहता हूं कि मुझे अपनी बल्लेबाजी सबसे ज्यादा पसंद है। मैं सौ प्रतिशत एक ऑलराउंडर हूं। इसमें कोई शक नहीं है। तैयारियों के मामले में मैं कुछ भी अलग नहीं करूंगा। मैं वही करूंगा जो अब तक करता आया हूं, कुछ भी अलग नहीं। खुद पर भरोसा रखना बहुत जरूरी है।"
आईपीएल में विदेशी क्रिकेटरों से सीखने के बारे में दुबे ने कहा, "बहुत सारे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलकर आप बहुत कुछ सीखते हैं। मुझे नहीं लगता कि आईपीएल में किसी सीनियर और जूनियर खिलाड़ी के बीच कोई फर्क होता है। मेरा मानना है कि उस खास दिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना सबसे जरूरी है। आखिर में सबसे ज्यादा वही मायने रखता है, फिर आप चाहे सीनियर खिलाड़ी हों या जूनियर।"
भारतीय टीम तक के अपने सफर का श्रेय दुबे ने अपने माता-पिता, सुरेंद्र और ज्योति के साथ ही अपने कोचों को दिया।
दुबे ने कहा, "सभी कोचों ने मुझे यहां तक पहुंचाने में मदद की है, जहां मैं आज हूं। अगर मैं किसी एक कोच का नाम लूंगा, तो मुझे लगता है कि यह दूसरे कोचों के साथ नाइंसाफी होगी। लेकिन मैं सबसे ज्यादा महत्व अपने माता-पिता को दूंगा। उनके बलिदान की वजह से ही मैं आज जिंदगी में इस मुकाम पर हूं। वरना, मैं यहां तक नहीं पहुंच पाता। उन्होंने मेरे लिए अपनी निजी जिंदगी का बलिदान दिया और हमेशा मेरे करियर पर ध्यान दिया। यह किसी भी इंसान के लिए बहुत बड़ी बात है। मैं इसका बदला चुका पा रहा हूं। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।"
भारतीय टीम तक के अपने सफर का श्रेय दुबे ने अपने माता-पिता, सुरेंद्र और ज्योति के साथ ही अपने कोचों को दिया।
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23 साल के हर्ष दुबे ने आईपीएल 2026 में एसआरएच के लिए 11 मैचों में 13 विकेट लिए। उनके घरेलू क्रिकेट के आंकड़ों पर गौर करें तो विदर्भ के इस खिलाड़ी ने 27 प्रथम श्रेणी मैचों में 133 विकेट लेने के साथ ही 9 अर्धशतक की मदद से 44 पारियों में 1,026 रन बनाए हैं। 30 लिस्ट ए मैचों में हर्ष ने 31 विकेट लेने के साथ ही 17 पारियों में 2 अर्धशतक की मदद से 296 रन बनाए हैं।