New Delhi: इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर स्पिन गेंदबाज कदम रखने वाले राशिद खान ने पिछले कुछ समय में अपनी बल्लेबाजी से भी हर किसी को खासा प्रभावित किया है। भारत के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में राशिद ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 16 गेंदों में 28 रन बनाए।
राशिद ने बताया है कि उनकी बैटिंग में सुधार की शुरुआत गुजरात टाइटंस के खेमे में आने के बाद से हुई। राशिद को बतौर बल्लेबाज निखारने में नईम अमीन ने अहम भूमिका निभाई।
'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए राशिद ने बताया, "मैं हमेशा से बैटिंग करना चाहता था। मैंने बैटिंग से ही क्रिकेट खेलना शुरू किया था। टीम के लिए 20-25 रन बहुत अहम होते हैं, और मैं अपनी टीम के लिए ऐसा करना चाहता था, खासकर टी20 में। तो, मैं यह कैसे कर सकता हूं? पहले मुझे इतनी बैटिंग नहीं मिलती थी।"
अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी ने आगे कहा, "हालांकि, जब से मैं गुजरात टाइटंस में आया हूं, मुझे नेट सेशन में ज्यादा बैटिंग करने को मिल रही है। आशीष नेहरा ने मुझसे कहा कि मैं सिर्फ बॉलर के तौर पर नहीं, बल्कि बल्लेबाज के तौर पर भी खेलूंगा। इसी वजह से मैंने बैटिंग पर अधिक ध्यान दिया। अपनी बैटिंग पर काम करने और उसे बेहतर बनाने से, जब मैं मैच में रन बनाता हूं, तो मुझे अपने आप अधिक आत्मविश्वास मिलता है। यह आत्मविश्वास से आता है, और जब आत्मविश्वास बढ़ता है, तो प्रैक्टिस और कड़ी मेहनत का फल मिलता है।"
बैटिंग में तकनीकी सुधार और सफलता उस व्यक्ति की वजह से मुमकिन हो पाई है, जो अक्सर सुर्खियों में नहीं रहता। नईम अमीन, जिनसे राशिद की मुलाकात गुजरात टाइटंस के साथ रहने के दौरान हुई थी, वही व्यक्ति हैं, जिन्हें यह टॉप लेग-स्पिनर तब सबसे पहले फोन करता है, जब उन्हें कुछ गड़बड़ लगता है। इंग्लैंड जाने से पहले हार्दिक पांड्या और विराट कोहली को ट्रेनिंग देने वाले अमीन ने मंगलवार का मैच खत्म होने के तुरंत बाद राशिद को मैसेज किया।
अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी ने आगे कहा, "हालांकि, जब से मैं गुजरात टाइटंस में आया हूं, मुझे नेट सेशन में ज्यादा बैटिंग करने को मिल रही है। आशीष नेहरा ने मुझसे कहा कि मैं सिर्फ बॉलर के तौर पर नहीं, बल्कि बल्लेबाज के तौर पर भी खेलूंगा। इसी वजह से मैंने बैटिंग पर अधिक ध्यान दिया। अपनी बैटिंग पर काम करने और उसे बेहतर बनाने से, जब मैं मैच में रन बनाता हूं, तो मुझे अपने आप अधिक आत्मविश्वास मिलता है। यह आत्मविश्वास से आता है, और जब आत्मविश्वास बढ़ता है, तो प्रैक्टिस और कड़ी मेहनत का फल मिलता है।"
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अफगानिस्तान के स्पिन गेंदबाज ने आगे कहा, "सच कहूं तो, यहां आने से पहले मैंने उनके साथ 3-4 सेशन किए थे। हम इस बात पर काम कर रहे थे कि सीधा कैसे खेलें, सीधा छक्का कैसे मारें और क्रॉस-बैट से शॉट न मारें। वह इस बात से बहुत खुश थे कि मैंने सीधा छक्का मारा। उन्होंने मेरी बहुत मदद की। नईम अमीन ही वो व्यक्ति हैं, जिनके पास मैं हमेशा जाता हूं। मैं उनके पास जाकर पूछता हूं कि मैंने क्या गलत किया और मैं क्या बेहतर कर सकता हूं?"