विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच भारतीय टीम की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को लीड्स के हेडिंग्ले में नीदरलैंड के खिलाफ 'ग्रुप ए' मैच के दौरान ऑफ-स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल के दाहिने टखने में मोच आ गई, जिसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा।
यह घटना नीदरलैंड की पारी के छठे ओवर की पहली गेंद पर हुई। श्रेयंका मिड-ऑन की तरफ गेंद का पीछा कर रही थीं, तभी उनके दाहिने टखने में मोच आ गई और वह मैदान पर गिर गईं। उन्होंने तुरंत अपना टखना पकड़ा और दर्द से कराहने लगीं, जिसके बाद साथी खिलाड़ी मदद के लिए उनकी ओर दौड़ीं।
स्ट्रेचर पर ले जाने से पहले भारतीय टीम के मेडिकल स्टाफ ने मैदान पर ही श्रेयंका की जांच की। इस दौरान श्रेयंका काफी परेशानी में नजर आईं, उन्होंने अपना चेहरा ढका हुआ था। चोट काफी गंभीर लग रही है, क्योंकि जब उन्होंने जमीन से उठने की कोशिश की तो वह चोटिल टखने पर बिल्कुल भी वजन नहीं डाल पा रही थीं।
यह चोट इसलिए भी चिंताजनक है, क्योंकि श्रेयंका का पहले भी चोटों से जूझने का इतिहास रहा है। वह पहले भी कई महीनों तक खेल से दूर रही थीं। जुलाई 2024 में श्रीलंका में खेले गए विमेंस टी20 एशिया कप के दौरान उनकी उंगली में फ्रैक्चर हो गया था।
यूएई में विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में खेलने के बाद, श्रेयंका को दोनों पैरों की शिन (पिंडली की हड्डी) में समस्या हुई थी और फील्डिंग के दौरान उनके बाएं अंगूठे में फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज में विमेंस सीपीएल 2025 में वापसी की थी।
यह चोट इसलिए भी चिंताजनक है, क्योंकि श्रेयंका का पहले भी चोटों से जूझने का इतिहास रहा है। वह पहले भी कई महीनों तक खेल से दूर रही थीं। जुलाई 2024 में श्रीलंका में खेले गए विमेंस टी20 एशिया कप के दौरान उनकी उंगली में फ्रैक्चर हो गया था।
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भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अभी तक उनकी चोट की गंभीरता के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन श्रेयंका को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए देखना भारतीय टीम के संतुलन के लिए एक बड़ा झटका है। 'विमेन इन ब्लू' ने बुधवार को खेल गए इस मैच में 209/5 का स्कोर बनाने के बाद नीदरलैंड को 17.3 ओवरों में सिर्फ 114 रन पर समेटकर टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में अपनी सबसे बड़ी जीत (95 रन) दर्ज की। भारतीय टीम 21 जून को अपना अगला मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी।